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भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच के लिए SIT गठित।
हत्या के 21 दिन बाद भी मुख्य आरोपी और केयरटेकर वरुण कुमार फरार।
आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने DGP की मंजूरी के बाद SIT बनाने के आदेश दिए।
Bhopal Retired IAS Officer Murder Investigation : राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। वारदात के 21 दिन बाद भी मुख्य आरोपी और मृतक का केयरटेकर वरुण कुमार पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।
सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनके केयरटेकर वरुण कुमार पर हत्या का आरोप है। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है लेकिन 3 सप्ताह से अधिक समय बीतने के बावजूद उसका पता नहीं चल सका है।
आरोपी की तलाश में भोपाल पुलिस की कई टीमें ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन और पंजाब सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश दे चुकी हैं। पुलिस को आरोपी के कुछ सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। इसके बावजूद भी वे अब तक गिरफ्त में नहीं आया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। अब SIT तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी स्तर पर जांच को आगे बढ़ाएगी।
सेवानिवृत्त IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में कार्रवाई में देरी को लेकर IAS एसोसिएशन ने पहले मुख्य सचिव और बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। एसोसिएशन ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई थी। इसके बाद जांच में तेजी लाने के लिए SIT गठित करने का निर्णय लिया गया। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने पुलिस महानिदेशक (DGP) मध्य प्रदेश के अनुमोदन के बाद विशेष जांच दल के गठन का आदेश जारी किया।
विशेष जांच दल का अध्यक्ष अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी और PHQ में AIG उमेश तिवारी को बनाया गया है। टीम में भोपाल क्राइम ब्रांच के ACP चंद्रभान सिंह चढ़ार और ACP पारस सोनी को शामिल किया गया है। इसके अलावा रातीबड़ थाने के उपनिरीक्षक ओपी रघुवंशी और अपराध शाखा की टेक्निकल सेल के आरक्षक नीलेश वर्मा भी जांच दल का हिस्सा हैं।
SIT अब मामले की जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाएगी। टीम तकनीकी जानकारी उपलब्ध साक्ष्यों और संभावित ठिकानों के आधार पर आरोपी की तलाश करेगी। फिलहाल वरुण कुमार पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस के सामने मुख्य चुनौती आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार करना और हत्या से जुड़े तथ्यों की जांच पूरी करना है।