

Bhopal PMAY House Waiting : राजधानी भोपाल के साईबाबा नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान का इंतजार कर रहे परिवारों की परेशानी सामने आई है। रहवासियों के मुताबिक वर्ष 2020-21 में करीब 96 परिवारों ने नगर निगम में लगभग 2-2 लाख रुपये जमा किए थे।
करीब 200 अन्य परिवारों ने लगभग 20-20 हजार रुपये जमा किए। लोगों का कहना है कि उन्हें मकान देने का भरोसा दिया गया था और राशि जमा करने के बाद रसीद भी दी गई, लेकिन करीब छह साल बाद भी उन्हें मकान नहीं मिल सका है।
साईबाबा नगर में रहने वाले कई परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। कोई ठेला लगाकर परिवार चला रहा है, कोई मजदूरी करता है तो कोई घरों में काम करके गुजर-बसर कर रहा है। रहवासियों का कहना है कि मकान के लिए जमा की गई राशि उनके लिए बड़ी रकम थी। कई परिवारों ने अपनी जरूरतें रोककर और वर्षों की बचत लगाकर यह पैसा जमा किया था। इसके बावजूद अब तक उन्हें अपने पक्के मकान का इंतजार है।
एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि मकान के लिए पैसे जमा करने के लिए उसके पति की FD तक तोड़नी पड़ी थी। परिवार को उम्मीद थी कि राशि जमा करने के बाद जल्द ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान मिल जाएगा। महिला के मुताबिक मकान मिलने का इंतजार करते-करते उसके पति की मौत हो गई। अब वह अकेली उस घर का इंतजार कर रही है, जिसके लिए परिवार ने अपनी जमा पूंजी लगा दी थी। अपनी कहानी बताते हुए महिला भावुक हो गई।
रहवासियों का कहना है कि वे जब भोपाल नगर निगम के अधिकारियों से मकान को लेकर जानकारी मांगते हैं तो उन्हें निर्माण कार्य पूरा नहीं होने की बात कही जाती है। लोगों का सवाल है कि आखिर निर्माण कब पूरा होगा और उन्हें मकान कब मिलेगा। छह साल बीतने के बाद भी कई परिवार पुराने और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं।
साईबाबा नगर के रहवासी भोपाल में बन रहे नए बीजेपी प्रदेश कार्यालय का उदाहरण देते हुए सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब करोड़ों रुपये की लागत वाली इमारत का निर्माण तेजी से आगे बढ़ सकता है, तो गरीब परिवारों के छोटे-छोटे मकानों का काम वर्षों में भी पूरा क्यों नहीं हो रहा। यह तुलना रहवासियों की ओर से उठाए गए सवालों के तौर पर सामने आई है।
साईबाबा नगर के परिवारों के लिए अब सबसे बड़ा सवाल मकान मिलने की तारीख है। जिन लोगों ने 2020-21 में राशि जमा की थी, उनमें से कुछ बुजुर्ग हो चुके हैं और कुछ परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया है। रहवासियों की मांग है कि निर्माण कार्य पूरा होने की समय-सीमा स्पष्ट की जाए और उन्हें बताया जाए कि वर्षों पहले राशि जमा करने के बाद उनका मकान आखिर कब मिलेगा।