

Highlights:
टीआई दिलीप पुरी की मौत पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा।
अरुण यादव बोले- मध्य प्रदेश में लोकतंत्र नहीं, माफिया सरकार।
जीतू पटवारी ने गृह विभाग और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।
शराब तस्करी नेटवर्क की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग।
Dewas TI Dilip Puri Death Case : देवास के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर मौत के मामले में कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार को घेरा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर करारा तमाचा बताया है।
यादव ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में लोकतांत्रिक सरकार की जगह माफिया का राज चल रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। अरुण यादव ने टीआई दिलीप पुरी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
अरुण यादव ने X पोस्ट में लिखा देवास के खातेगांव में शराब माफियाओं द्वारा टीआई दिलीप पुरी को ट्रक से कुचलकर मार डालना प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर करारा तमाचा है। मध्यप्रदेश में अब माफिया सरकार चला रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है। जब कानून के रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा कौन करेगा? प्रदेश में सरकार है या माफियाराज?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अवैध शराब का कारोबार रोकने पहुंचे पुलिस अधिकारी को शराब तस्करों के वाहन ने कुचलकर मार डाला। यह सिर्फ एक पुलिस अधिकारी की हत्या नहीं, प्रदेश में शराब माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के सामने लाज लुटा चुकी, निर्वस्त्र कानून व्यवस्था की मौत का भी पुख्ता सबूत है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि यह हमला प्रमाण है कि वल्लभ भवन की पांचवी मंजिल से शराब के अवैध धंधे को संरक्षण मिल रहा है, जिसके चलते वह पल और पनप रहा है। तस्कर पुलिस को कुचलने का दुस्साहस कर रहे हैं। इन हत्यारों को किसका संरक्षण मिल रहा है? सरकार क्या जनता को लूटने के लिए ही सत्ता में है?
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लिखा कि इस मामले में सिर्फ बयानबाजी और कार्रवाई के दावों से काम नहीं चलेगा। अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच करानी होगी और जिम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी होगी।