लाल परेड ग्राउंड पर CM मोहन यादव ने फहराया तिरंगा, बोले- 2027 होगा युवा वर्ष, रोजगार और GYANII पर फोकस

Bhopal Lal Parade Ground : 80वें स्वतंत्रता दिवस पर CM मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड में तिरंगा फहराया। 2027 को युवा वर्ष घोषित करने के साथ रोजगार, GYANII, UCC और विकास का रोडमैप बताया।
CM Mohan Yadav hoists the national flag at Lal Parade Ground
लाल परेड ग्राउंड पर सलामी लेते सीएम मोहन यादव(फोटो सोर्स- नवभारत)
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CM Mohan Yadav Independence Day Speech : 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुई। तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ की धुन गूंजी। मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया। पुलिस बैंड सहित कुल 22 टुकड़ियों ने परेड में हिस्सा लिया और सशस्त्र दलों ने हर्ष फायर किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को नमन किया। उन्होंने रानी दुर्गावती, रानी अवंती बाई, महाराजा छत्रसाल, टंट्या मामा भील और चंद्रशेखर आजाद सहित मध्य प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर शहीद हुए पुलिस और हॉक फोर्स के जवानों को भी याद किया और कहा कि ऐसे जवानों के शौर्य से प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है।

UCC से लेकर सुशासन तक का जिक्र

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता (UCC), किसान, निवेश, शिक्षा, युवा, वन, धर्म और संस्कृति सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त करने और महिलाओं को अन्याय से मुक्ति दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने 7 अगस्त से शुरू हुए ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभियान का लक्ष्य ‘न देरी, न दूरी’ है और इसका पहला चरण 8 जनवरी 2027 तक चलेगा।

2027 होगा युवा वर्ष, रोजगार पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2027 को मध्य प्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के संपूर्ण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, स्वरोजगार, सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार, स्टार्टअप, खेल-कला-संस्कृति और नेतृत्व क्षमता विकास पर फोकस किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 85 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं और आने वाले समय में हर साल एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

GYANII मॉडल के जरिए विकास का रोडमैप

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के GYAN यानी गरीब, युवा, नारी और किसान के मंत्र का विस्तार करते हुए GYANII मॉडल का जिक्र किया। इसमें इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप और एमएसएमई को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में करीब 8 हजार स्टार्टअप संचालित हैं, जिनमें लगभग आधे का नेतृत्व महिलाओं के हाथों में है। सरकार ने अगले ढाई वर्षों में स्टार्टअप की संख्या 12 हजार से अधिक करने और 100 नए इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

किसान कल्याण, सिंचाई और निवेश पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को खाद-बीज, बिजली, सिंचाई, समर्थन मूल्य, भावांतर, बीमा और राहत जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि विगत ढाई वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की गई है। वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सकल सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य भी रखा गया है।

निवेश और रोजगार से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। टेक सेक्टर में भी 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश जमीन पर आया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर जिले में एमएसएमई पार्क स्थापित करने और प्रदेश में 10 एमएसएमई क्लस्टर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2027 का आयोजन भी भोपाल में किया जाएगा।

स्वास्थ्य, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़े ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन महीनों में 1 हजार नए डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है और अगले छह महीनों में 1 हजार और डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। 1 नवंबर 2026 से मरीजों की जांच को पेपरलेस करने की योजना भी शुरू होगी। सड़क और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों में करीब 23 हजार करोड़ रुपए की लागत से 15 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण, उन्नयन और सुदृढ़ीकरण किया गया है। भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जा रहे हैं, जबकि भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर को भी इसी तर्ज पर विकसित करने की योजना है।

बिजली से पर्यटन तक विकास की योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब ‘बिजली गुल’ के पुराने दौर से निकलकर ‘बिजली फुल’ के युग में पहुंच गया है। प्रदेश की विद्युत क्षमता में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत है, जिसे आने वाले वर्षों में 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने पर्यटन के क्षेत्र में भी प्रदेश की उपलब्धियां गिनाईं और बताया कि पिछले वर्ष 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने मध्य प्रदेश का दौरा किया। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों, धार्मिक-सांस्कृतिक लोकों के निर्माण और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी सरकार का फोकस है।

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कर्मचारियों, पुलिस और खिलाड़ियों का भी जिक्र

मुख्यमंत्री ने शासकीय कर्मचारियों को कर्मयोगी बताते हुए कहा कि अब तक 67 हजार से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल चुका है। पुलिस विभाग में ढाई वर्षों में 14,704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जबकि 9,751 अतिरिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए सरकार और जनता से मिलकर काम करने का आह्वान किया।

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