मां के दूध पर खबर छापने को लेकर अखबार पर भड़के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, बोले- शर्म करो

Breast Milk News Controversy: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने एक समाचार पत्र को फटकार लगाई है। मां के दूध से जुड़ी खबर पर दावा करने को लेकर उन्होंने अखबार को लताड़ा है।
MP Minister Attacks Newspaper
नरेंद्र शिवाजी पटेल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP Minister Attacks Newspaper: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल मां के दूध से जुड़ी एक खबर को लेकर एक समाचार पत्र पर भड़क गए। मंत्री ने सोशल मीडिया पर अखबार की खबर की कटिंग साझा करते हुए कड़ी नाराजगी जताई और इसे समाज में भ्रम फैलाने की साजिश बताया।

मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने फेसबुक पोस्ट में अखबार पर निशाना साधते हुए लिखा, 'शर्म करो, अपनी मां के दूध को न लजाओ।' उन्होंने खबर को शर्मनाक बताते हुए कहा कि सोची-समझी साजिश के तहत भारतीय संस्कृति और परंपराओं को नुकसान पहुंचाने के लिए इस तरह के समाचार प्रकाशित किए जा रहे हैं।

भ्रामक खबरों को सही साबित करने की कोशिश

उन्होंने आरोप लगाया कि पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित कुछ गिरोह झूठे इन्वेस्टिगेशन और प्रयोगशालाओं का हवाला देकर भ्रामक खबरों को सही साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि समाज में भ्रम फैले और उपयोगी परंपराएं खत्म हो जाएं।

सभी पक्षों की जांच के आदेश दिए

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने सभी पक्षों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही खबर में जिन प्रयोगशालाओं और जांच संस्थानों का उल्लेख किया गया है, उनकी भी जांच कराई जाएगी।

मां का दूध सर्वोत्तम आहार

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि 'मां का दूध शिशु के लिए पूर्णतः सुरक्षित और सर्वोत्तम आहार है।' उन्होंने लोगों से भ्रामक खबरों से बचने और वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करने की अपील की।

क्या है मामला?

सामाचार पत्र में प्रकाशित खबर में दावा किया गया था कि मां के दूध की जांच में 70% सैंपल फेल हो गए। साथ ही उसमें खतरनाक पारा भी मिला। इसी ने इस पूरे विवाद को जन्म दिया।

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