भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनना चाहती है टॉपर चांदनी, नवभारत के साथ बातचीत में बताई दिल की बात; जानें क्या कहा

Navbharat Exclusive: भोपाल के भीमनगर में 12वीं टॉपर चांदनी के घर पहुंची नवभारत की टीम, सेना में लेफ्टिनेंट बनने का है सपना, सीएम मोहन यादव ने दिया आवास-रोजगार का भरोसा।
Chandni Vishwakarma MP 12th Topper Exclusive Interview
चांदनी विश्वकर्मा (सोर्स- नवभारत लाइव)
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Chandni Vishwakarma MP 12th Topper Exclusive Interview: मध्य प्रदेश बोर्ड की 12वीं परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर प्रदेशभर में पहचान बनाने वाली स्टेट टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर नवभारत की टीम पहुंची और चांदनी, उनके माता-पिता व भाई से खास बातचीत की। राजधानी के भीमनगर स्थित एक छोटे से एक कमरे के घर में रहने वाली चांदनी की सफलता ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है। चांदनी ने विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन के दम पर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।

सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं ईवी स्कूटी से भीमनगर पहुंचे और चांदनी व उसके परिवार से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने चांदनी को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने परिवार को रोजगार, आवास और आगे की पढ़ाई से जुड़ी किसी भी आवश्यकता में सहयोग देने की बात कही।

सीएम के आगमन पर भावुक हुईं चांदनी की मां

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आगमन से भावुक हुईं चांदनी की मां ने कहा कि हमारे लिए तो ऐसा लगा जैसे शबरी के घर राम आ गए हों। हमने कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री हमारे घर आकर बेटी का सम्मान करेंगे।" परिवार ने इसे अपने जीवन का सबसे यादगार दिन बताया।

चांदनी का है भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना

नवभारत से बातचीत में चांदनी ने कहा कि उसका सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है। उसने बताया कि वह भविष्य में लेफ्टिनेंट बनना चाहती है और देश के लिए काम करना उसका सबसे बड़ा लक्ष्य है। चांदनी का मानना है कि कठिन परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं, बल्कि प्रेरणा बन सकती हैं।

कारपेंटर का काम करते हैं चांदनी के पिता

चांदनी के पिता, जो बढ़ई का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी। वहीं चांदनी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और लगातार की गई मेहनत को दिया। चांदनी ने बेहद साधारण परिस्थितियों में पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया और 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए।

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