मीनाक्षी नटराजन मामले में कांग्रेस को बड़ा झटका, चुनाव आयोग ने खारिज की याचिका

Meenakshi Natarajan Nomination: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मैं कांग्रेस परिवार के अपने सभी विधायक साथियों का धन्यवाद करता हूं, जो भाजपा के धनबल और एजेंसियों के आगे झुके नहीं।
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मीनाक्षी नटराजन, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Meenakshi Natarajan Nomination Case: मीनाक्षी नटराजन नामांकन मामले में कांग्रेस को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दरअसल, कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीवार के नामांकन रद्द मामले को लेकर पार्टी द्वारा जारी याचिका को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आ रही है। गौरतलब है कि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन 9 जून को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा रद्द कर दिया गया था। नामांकन पत्र में एक लंबित न्यायालयीन मामले की जानकारी छिपाने के आरोप पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच में नामांकन निरस्त करने का फैसला सुनाया गया।

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के साथ ही राज्यसभा की तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत तय हो गई है। भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।

'मैं कांग्रेस के साथियों का धन्यवाद करता हूं'

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मैं कांग्रेस परिवार के अपने सभी विधायक साथियों का धन्यवाद करता हूं, जो भाजपा के धनबल और एजेंसियों के दबाव के आगे झुके नहीं। इसी कारण भाजपा को अंत में संविधान को ताक पर रखकर हमारा नामांकन निरस्त करवाना पड़ा। हमारी यही एकजुटता मध्य प्रदेश से भाजपा को हटाएगी।

राष्ट्रपति से मिल सकते हैं कांग्रेस विधायक

कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कल गुरुवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय की मांग की है। हालांकि, राष्ट्रपति भवन की ओर से कांग्रेस विधायकों को मुलाकात के लिए समय दिया गया है या नहीं, इसकी भी अभी तक कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब चुनाव आयोग द्वारा याचिका खारिज होने के बाद कल गुरुवार को कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी।

क्यों खारिज हुई थी नटराजन की नामांकन?

भाजपा का आरोप था कि मीनाक्षी नटराजन ने हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक प्रकरण का उल्लेख नामांकन पत्र में नहीं किया। इसी आधार पर आपत्ति दाखिल की गई थी। वहीं कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश बताते हुए विरोध दर्ज कराया और विधानसभा परिसर में भी इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ।

इस फैसले के बाद राज्यसभा चुनाव में मतदान की नौबत नहीं आएगी और भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा पहुंचेंगे। इसे मध्य प्रदेश की राजनीति में भाजपा की बड़ी रणनीतिक जीत और कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

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