

Vidyasagar Chauraha Toilet Weird Toilet: राजधानी भोपाल में इन दिनों निर्माण कार्यों की तस्वीरें लगातार सवाल खड़े कर रही हैं। 90 डिग्री ब्रिज के बाद अब अवधपुरी क्षेत्र के विद्यासागर चौराहे पर बना एक बाथरूम भी लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, यहां बनाए गए बाथरूम में दो कमरे बनाए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि एक कमरे में जाने के लिए रास्ता मौजूद है, लेकिन दूसरे कमरे में जाने का रास्ता ही नजर नहीं आता। यह कमरा तीन तरफ से बाउंड्रीवॉल और एक तरफ करीब 4 से 4.5 फीट ऊंची दीवार से घिरा हुआ है। यानी सवाल सीधा है—जब कमरे में प्रवेश का रास्ता ही नहीं है, तो आखिर इसका इस्तेमाल कैसे होगा?
सरकार सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीक और स्पेस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का दावा करती है, लेकिन विद्यासागर चौराहे का यह निर्माण देखकर अब लोग तंज कस रहे हैं कि शायद राजधानी भोपाल में बाथरूम भी स्पेस टेक्नोलॉजी से ही बनाए जाने लगे हैं। ऐसा लग रहा है मानो इंजीनियर सीधे स्पेस से इंजीनियरिंग करके जमीन पर आते हैं और निर्माण शुरू कर देते हैं। लेकिन शायद इस दौरान एक छोटी-सी चीज भूल जाते हैं—पृथ्वी की ग्रेविटी क्योंकि करीब 4 से 4.5 फीट ऊंची दीवार को पार करके कमरे में जाना हर व्यक्ति के लिए आसान नहीं है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए तो यह और भी मुश्किल हो सकता है।
अब सवाल यह है कि आखिर इस बाथरूम का डिजाइन किसने तैयार किया? निर्माण से पहले मौके पर इसकी उपयोगिता की जांच हुई थी या नहीं? अगर हुई थी तो फिर दूसरे कमरे तक पहुंचने का रास्ता क्यों नहीं बनाया गया? और अगर यह निर्माण पूरा हो चुका है, तो क्या संबंधित अधिकारी और इंजीनियर मौके पर जाकर इसकी स्थिति देखेंगे?
नवभारत द्वारा मामला सामने लाए जाने के बाद अब देखना होगा कि मध्य प्रदेश का शासन-प्रशासन इस अजब निर्माण पर क्या संज्ञान लेता है और क्या इसमें कोई सुधार किया जाता है। फिलहाल विद्यासागर चौराहे का यह बाथरूम भोपाल के उन निर्माणों की सूची में शामिल होता नजर आ रहा है, जिन्हें देखकर लोगों के मन में एक ही सवाल उठता है—'आखिर इसे बनाया कैसे गया?'