

Highlights:
भोपाल में वर्ग-3 चयनित अभ्यर्थियों का नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन।
5 अक्टूबर से बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना दे रहे थे अभ्यर्थी।
सड़क जाम करने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।
अभ्यर्थियों ने मारपीट और महिला प्रदर्शनकारियों को घसीटने के आरोप लगाए।
एसपी आदित्यकांत शुक्ला ने पुलिस पर लगे आरोपों से इनकार किया।
MP Varg 3 Selected Candidates Protest : भोपाल में वर्ग-3 के चयनित अभ्यर्थियों का नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को उग्र हो गया। पिछले 26 दिनों से बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने दोपहर में दोनों तरफ से सड़क जाम कर दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक गिरफ्तार कर लिया। अभ्यर्थियों ने पुलिस पर मारपीट करने और महिला प्रदर्शनकारियों को घसीटने के आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के मुताबिक, वे 5 अक्टूबर से बोर्ड ऑफिस चौराहे पर नियुक्ति की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कई बार उन्हें आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं मिली। लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने के कारण गुरुवार को अभ्यर्थियों ने सड़क जाम कर अपना विरोध जताया।
भोपाल में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का दावा है कि वे अपनी मांग को लेकर मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं। इस दौरान उन्हें 16 अक्टूबर तक नियुक्ति देने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिली। इसके बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
गुरुवार दोपहर प्रदर्शनकारियों ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर दोनों तरफ से सड़क जाम कर दी। इससे मौके पर पुलिस पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के पास सड़क पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं थी। सड़क जाम किए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बल प्रयोग करने, मारपीट करने और महिला अभ्यर्थियों को घसीटने के आरोप लगाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया जा रहा था। हालांकि, भोपाल पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने और महिलाओं को घसीटने के आरोपों से इनकार किया है।
मामले में एसपी आदित्यकांत शुक्ला ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट नहीं की गई और न ही किसी को घसीटा गया। उनके मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को सड़क पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद सड़क जाम किए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की। फिलहाल, चयनित अभ्यर्थियों की मुख्य मांग नियुक्ति को लेकर है।