

UGC New Rules Protest Bhopal: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के नए नियमों को लेकर विवाद एक बार फिर भोपाल की सड़कों तक पहुंच गया है। शनिवार को राजधानी के रोशनपुरा चौराहे पर UGC संघर्ष समिति और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नए नियमों की समीक्षा करने और उन्हें वापस लेने यानी रोलबैक की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी के नए प्रावधानों में ऐसे बदलाव किए जाने चाहिए, जिनसे किसी भी वर्ग के साथ असमानता या भेदभाव की आशंका न रहे। समिति ने शिक्षा व्यवस्था में समानता, सामाजिक समरसता और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण का मुद्दा भी उठाया।
प्रदर्शन के दौरान यूजीसी के नए नियमों की समीक्षा और रोलबैक के अलावा आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक आधार को प्राथमिकता देने की मांग की गई। समिति ने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए प्रभावी नीतियां बनाने की मांग रखी। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के कथित दुरुपयोग को रोकने, वास्तविक पीड़ितों के अधिकार सुरक्षित रखने और झूठी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई।
राजधानी भोपाल में 26 सितंबर के आंदोलन की तैयारी को लेकर अगस्त से ही विभिन्न सामाजिक संगठनों की बैठकें चल रही थीं। उस समय आयोजकों ने यूजीसी एक्ट 2026 को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बताया था। सितंबर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजकों ने प्लेटिनम प्लाजा से रोशनपुरा चौराहा होते हुए राजभवन तक पदयात्रा और राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने की बात कही थी। इसमें करणी सेना, राजपूत, ब्राह्मण, क्षत्रिय, अग्रवाल, जैन और कायस्थ समाज सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई थी।
यूजीसी ने 2026 में उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और भेदभाव से निपटने के उद्देश्य से नए इक्विटी रेगुलेशन लागू किए थे। इन नियमों को लेकर अलग-अलग समूहों की आपत्तियां सामने आईं। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और नियमों पर रोक लगाई गई, अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार मामला अभी न्यायिक और नीतिगत समीक्षा के दायरे में है।