

Highlights:
कटारा हिल्स के आकांक्षा आदिवासी छात्रावास में छात्राओं ने किया प्रदर्शन।
भोजन में कीड़े, साफ पेयजल की कमी और किचन की सफाई को लेकर शिकायतें।
सुरक्षा व्यवस्था और मेडिकल सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया।
क्षेत्र के एसी प्रशांत आर्या ने मौके पर पहुंचकर समाधान का आश्वासन दिया।
Bhopal Tribal Hostel Students Protest : भोपाल के कटारा हिल्स स्थित आकांक्षा आदिवासी छात्रावास में भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर छात्राओं ने प्रदर्शन किया। मंगलवार सुबह छात्राएं छात्रावास के गेट पर धरने पर बैठ गईं। उनकी शिकायत है कि भोजन में कीड़े मिल रहे हैं, पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं है और किचन में स्वच्छता का अभाव है।
छात्राओं ने सुरक्षा व्यवस्था और मेडिकल सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया। कई घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद क्षेत्र के एसी प्रशांत आर्या मौके पर पहुंचे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इस घटना ने छात्रावासों की निगरानी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कटारा हिल्स स्थित आकांक्षा आदिवासी छात्रावास में प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई। छात्राओं के मुताबिक, खाने में कीड़े मिलने, पीने के लिए साफ पानी नहीं होने और किचन में साफ-सफाई की कमी जैसी समस्याएं हैं। उन्होंने छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था और जरूरत के समय मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से इन शिकायतों की जांच और समय पर निराकरण जरूरी है।
समस्याओं से परेशान छात्राएं मंगलवार सुबह छात्रावास के गेट पर धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र के एसी प्रशांत आर्या मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से बातचीत की और उनकी शिकायतों का समाधान कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, भोजन और पेयजल की गुणवत्ता की जांच कब होगी और सुरक्षा व मेडिकल सुविधाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि आश्वासन के बाद व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।
भोपाल में बीते करीब दो महीनों के दौरान 5 से 6 आदिवासी छात्रावासों में छात्र-छात्राओं के विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आने का दावा किया गया है। इन शिकायतों में भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। इससे पहले पंचशील नगर स्थित शासकीय अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास में भी भोजन में कीड़े मिलने और अन्य व्यवस्थागत समस्याओं की शिकायतें सामने आई थीं। अक्टूबर में इस मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाने की खबर भी प्रकाशित हुई थी। इन घटनाओं के बीच छात्रावासों की नियमित निगरानी और शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट संबंधी दस्तावेज के अनुसार, जनजातीय कार्य विभाग की आश्रम छात्रावास योजना के संचालन के लिए 1,024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकारी दस्तावेज में विभाग के अंतर्गत संचालित 2,671 छात्रावासों और आश्रमों में करीब 1.50 लाख जनजातीय विद्यार्थियों के लिए आवास, भोजन, पेयजल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का उल्लेख है। ऐसे में छात्रावासों में भोजन, पानी और साफ-सफाई को लेकर शिकायतें सामने आना निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, यह बजट पूरे योजना संचालन के लिए है।
भोपाल में प्रदर्शन के दौरान जब एसी प्रशांत आर्या से विभागीय बजट के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही। हालांकि, किसी क्षेत्रीय अधिकारी को पूरे विभाग के बजट की जानकारी नहीं होना अपने आप में लापरवाही का प्रमाण नहीं है, लेकिन छात्रावासों की समस्याओं के समाधान और जिम्मेदार अधिकारियों के बीच समन्वय को लेकर स्पष्टता जरूरी है।
सरकारी छात्रावासों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास और पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है। ऐसे में भोजन, पानी, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर छात्राओं का प्रदर्शन व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद शिकायतों की जांच होती है या नहीं और छात्रावास में व्यवस्थाओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाता है।