

Retired IAS Rakesh Agarwal Murder Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 30 सितंबर को रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की नृशंस हत्या के मामले में आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
हालांकि, पुलिस को एक अहम सुराग हाथ लगा है, जिसके तहत भोपाल रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों में आरोपी की गतिविधियां कैद हुई हैं। यह फुटेज 30 सितंबर को तड़के 3:51 बजे का बताया जा रहा है।
मेडिसिनल केयरटेकर वरुण की तलाश के लिए भोपाल पुलिस की टीमें मध्य प्रदेश के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की लगातार पड़ताल कर रही हैं। आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस अब तक उसके 100 से अधिक रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ कर चुकी है।
आम जनता की मदद के लिए आगरा से वृंदावन जाने वाले मार्ग पर 80 से ज्यादा स्थानों पर पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं। फिलहाल पुलिस रेलवे स्टेशन के फुटेज और आरोपी के संभावित यात्रा रिकॉर्ड (Travel Record) का मिलान कर उसकी फरारी के रूट को तलाशने में जुटी है।
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी वरुण कुमार को घटना से ठीक तीन दिन पहले यानी 27 सितंबर को ही 'वर्मा होम हेल्थ केयर एजेंसी' के माध्यम से रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल के घर नौकरी पर रखा गया था। पुलिस ने प्लेसमेंट एजेंसी से उसके तमाम दस्तावेज, पुराने कार्य अनुभव और पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़े रिकॉर्ड हासिल कर लिए हैं।
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि आरोपी वरुण के पिता ग्वालियर में, बहन पटियाला में जबकि उसके दोस्त आगरा और मथुरा में रहते हैं। भोपाल पुलिस इन सभी से 3 से 4 बार कड़ाई से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान वरुण ने किन-किन लोगों से संपर्क किया और क्या उसे किसी ने शरण या आर्थिक मदद दी थी। हालांकि, पुलिस के मुताबिक अब तक की जांच में किसी भी रिश्तेदार या दोस्त की संलिप्तता सामने नहीं आई है।