सीएम हाउस की तरफ बढ़े प्रदर्शनकारी किसान, शहर में जगह-जगह लगा जाम; MP नगर समेत कई इलाके हुए अस्त व्यस्त

Farmers Protest Bhopal: भोपाल में बैरिकेड्स तोड़ शहर के भीतर घुसे किसान! एमपी नगर समेत प्रमुख सड़कों पर लगा किलोमीटर लंबा जाम; ट्रैफिक व्यवस्था ठप्प होने से जनता परेशान, सीएम हाउस की ओर कूच।
Protesting farmers enter Bhopal city as traffic comes to a standstill in several areas including MP Nagar
भोपाल में दाखिल हुए आंदोलनकारी किसान (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Kisan Andolan Protestor Enter Bhopal City: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जारी किसान आंदोलन के बीच हालात लगातार बदल रहे हैं। होशंगाबाद रोड पर मंगलवार से धरना दे रहे किसानों का जत्था अब पुलिस की बैरिकेडिंग पार कर शहर के भीतर पहुंच गया है। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या का असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

एमपी नगर सहित कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं। बता दें कि किसानों ने सीएम हाउस की तरफ कूच कर दिया है।

कांग्रेस कार्यालय को पार कर आगे निकले प्रदर्शनकारी

कांग्रेस कार्यालय के सामने रेड क्रॉस अस्पताल के पास स्थित शिवाजी चौराहे पर पुलिस ने आंदोलनकारी किसानों के जत्थे को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। हालांकि विरोध कर रहे किसान बस को पार कर आगे बढ़ गए। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

किसान आंदोलन को मिला जेन-जी का समर्थन

भोपाल में जारी किसान आंदोलन को युवाओं का भी समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में जेन-जी प्रदर्शन में शामिल होकर किसानों के साथ अपनी एकजुटता दिखा रही है। वहीं, किसानों ने सरकार को 'सद्बुद्धि' देने की कामना के साथ हवन भी किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि खेती की लागत और महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। उनका आरोप है कि फसलों के वाजिब दाम नहीं मिलने से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

सीएम मोहन यादव ने गठित की कमेटी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने मंत्रियों की एक समिति गठित की है। समिति के सदस्य किसान प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी मांगों और सुझावों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों का स्वागत करती है, लेकिन आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेशभर से आए हजारों किसान अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उदासीन बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, न कि उनकी अनदेखी करके।

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