भोपाल में ईद की रौनक: ईदगाह में अदा हुई नमाज, अमन और भाईचारे का दिया संदेश, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Bhopal Eidgah Namaz: राजधानी भोपाल में आज ईद-उल-अजहा का पर्व उत्साह, उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। मुस्लिमों ने एक-दूसरे के गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। मस्जिदों में नमाज के दौरान अमन की दुआ की।
Eid Celebration in Bhopal
ईदगाह में नमाज (फोटो सोर्स- नवभारत)
Updated on

Eid Celebration in Bhopal: राजधानी भोपाल में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार अकीदत, भाईचारे और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही ईदगाह और शहर की प्रमुख मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ देखने को मिली। ईदगाह में शहर काजी मुफ्ती मुश्ताक अली नदवी ने ईद की नमाज अदा कराई, जहां करीब एक लाख लोगों ने नमाज पढ़कर देश में अमन, तरक्की, भाईचारे और बीमारों की शिफा के लिए दुआ मांगी।

ईद की नमाज ईदगाह के अलावा ताजुल मस्जिद, मोती मस्जिद, जामा मस्जिद, मस्जिद बिल्किस जहां, आरिफ नगर समेत शहर की विभिन्न मस्जिदों में निर्धारित समय पर अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और कब्रिस्तानों में पहुंचकर फातिहा भी पढ़ी।

कुर्बानी इस्लाम का अहम फर्ज

इस मौके पर शहर काजी मुफ्ती मुश्ताक अली नदवी ने ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि कुर्बानी इस्लाम का अहम फर्ज है और इसे जिम्मेदारी व साफ-सफाई के साथ अंजाम देना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से प्रशासनिक नियमों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।

ड्रोन कैमरों से नजर

ईद-उल-अजहा को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। ईदगाह और प्रमुख मस्जिदों के आसपास पुलिस बल, केंद्रीय सुरक्षा बल और ट्रैफिक टीमों की तैनाती की गई थी। कई स्थानों पर वॉलिंटियर्स भी यातायात और भीड़ व्यवस्था संभालते नजर आए। हाईराइज बिल्डिंगों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी गई।

अलर्ट पर पुलिस प्रशासन

एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित ने बताया कि त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। वहीं नगर निगम द्वारा शहर में कई स्थानों पर अस्थायी व्यवस्था की गई थी, जहां लोगों ने कुर्बानी की रस्म अदा की।

क्यों खास है ईद-उल-अजहा?

ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जो पैगंबर इब्राहिम की कुर्बानी, समर्पण और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास की याद में मनाया जाता है। इस दिन दी गई कुर्बानी का मांस परिवार, रिश्तेदारों और जरूरतमंदों में बांटा जाता है, जो आपसी सहयोग और इंसानियत का संदेश देता है।

Navbharat Live
navbharatlive.com