

MP Assembly Special Session April 27 : मध्य प्रदेश विधानसभा का 27 अप्रैल को होने वाला विशेष सत्र विधायी चर्चा से ज्यादा राजनीतिक वर्चस्व की जंग बन गया है। बीजेपी इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं को लाने की तैयारी कर रही है ताकि वह सरकार की तरफ से महिला बिल पर की जाने वाली चर्चा को देख सके। इसके लिए पिछले कुछ दिनों में पूरे मध्य प्रदेश से ऐसी महिलाओं की सूची तैयार की गई है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व करती हैं।
सत्र में निमंत्रण पाने वाली महिलाओ में गैर सरकारी संस्थाएं की अध्यक्ष, सचिव, विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रतिनिधी, अलग-अलग संस्थाओं की प्रमुख और पार्टी की विचारधारा से जुड़ी कार्यकर्ताओं के नाम शामिल है। इनके प्रवेश पत्र भी बन चुके हैं। कौनसा समूह कितनी बजे सत्र देखने के लिए दीर्घा पहुंचेगा, यह सब कुछ तय हो चुका है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी विशेष सत्र को ध्यान में रखकर तैयार कर चुकी है। सत्र पहले कांग्रेस के द्वारा भोपाल में महिला कार्यकर्ताओं की रैली निकाली जाएगी। इसका नेतृत्व खुद मप्र कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी करेंगे। महिला कांग्रेस संगठन की सभी प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहेंगी। महिला आरक्षण बिल पर निकाली जाने वाली रैली को वादा खिलाफी नाम दिया है।
रैली शाम 4 बजे प्लेटिनम प्लाजा से शुरू होगी। पटवारी ने बयान जारी करके सरकार पर आरोप लगाया कि यह राजनीतिक छल व वादाखिलाफी है। सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को जानबूझकर लागू नहीं कर रही है। कांग्रेस पार्टी बिना किसी परिसीमन की शर्त के तत्काल लोकसभा में 33% महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार इस बिल गिरने पर चर्चा करने वाली है, तो वहीं विपक्ष की तरफ से भी अब नियम 142 और 147 के तहत चर्चा की मांग कर ली गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने विधानसभा सचिवालय को एक प्रस्ताव भेजा है। विपक्ष की तरफ से इसमें मांग की गई है कि वर्तमान परिस्थितियों में ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का लाभ दिया जाए। फिलहाल विधानसभा ने विपक्ष के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।