

AIM Congress 2026 : दुबई में आयोजित AIM Congress-2026 के तीसरे दिन मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर इंटरैक्टिव सेशन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश’ सेशन में उद्योगपतियों और निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए माहौल आसान बनाने के उद्देश्य से 2700 से अधिक नियमों और करीब 900 कानूनों को समाप्त किया गया है। निर्धारित नीतियों के तहत जरूरत पड़ने पर निवेशकों को नीतिगत छूट भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में खनन, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में हीरा और स्वर्ण समेत कई खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। होटल कारोबार शुरू करने वाले निवेशकों को 30 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
डॉ. यादव ने निवेशकों और उद्योगपतियों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में देश की बेहतर एविएशन पॉलिसी है और यूएई-अबूधाबी के लिए सीधी एयर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार प्रति फ्लाइट वीजीएफ भी दे रही है और अगले महीने प्रदेश से शारजाह के लिए भी उड़ान सेवा शुरू होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में करीब 15 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं। उनके मुताबिक मध्यप्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निर्यात हो रहा है और राज्य देश में सबसे तेज विकास दर वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने निवेशकों के लिए समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने और औद्योगिक इकाइयों के लिए 29 दिन में जमीन उपलब्ध कराने का दावा भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश के लिए ऑन द स्पॉट लैंड अलॉटमेंट की व्यवस्था पर काम कर रही है। उन्होंने प्रदेश में एक लाख से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और पांच लाख किलोमीटर से ज्यादा रोड नेटवर्क होने की जानकारी दी। सरकार की ओर से उद्योगों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी जताई गई।
इंटरैक्टिव सेशन में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं का प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने मजबूत कनेक्टिविटी, औद्योगिक इकोसिस्टम और निवेश अनुकूल नीतियों की जानकारी देते हुए लॉजिस्टिक्स सेक्टर में उपलब्ध अवसरों पर बात की। लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 के तहत फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 30 प्रतिशत तक सहायता सहित विभिन्न प्रोत्साहनों की जानकारी दी गई।
प्रेजेंटेशन में हीरा, तांबा, मैंगनीज, चूना पत्थर और सोने समेत खनिज संसाधनों को निवेश के प्रमुख अवसरों के तौर पर सामने रखा गया। पर्यटन क्षेत्र में मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, वन्यजीव और प्राकृतिक स्थलों की जानकारी भी निवेशकों को दी गई। अधिकारियों के मुताबिक 2024 में प्रदेश में 13.41 करोड़ पर्यटक आए और पर्यटन नीति-2025 के तहत पूंजी निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति और 90 साल तक की लीज जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
दुबई में भारत के काउंसिल जनरल डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी ने भारत और यूएई के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उद्योग जगत से लगातार संवाद की सराहना करते हुए मध्यप्रदेश के साथ आने वाले वर्षों में सहयोग और बढ़ने की उम्मीद जताई। आईपीएफ यूएई के नेशनल प्रेसिडेंट जितेंद्र वैद्य और उद्योगपति-सांसद राजिंदर गुप्ता ने भी मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की।