

Dindori Flood Mock Drill: आगामी मानसून सीजन और संभावित बाढ़ आपदाओं को ध्यान में रखते हुए डिंडौरी जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने नर्मदागंज स्थित मां नर्मदा डेम घाट पहुंचकर होमगार्ड विभाग द्वारा की गई बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीओपी सतीश द्विवेदी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले मड पंप, डीप डाइविंग सेट, रबर बोट, आउटबोर्ड मोटर (ओबीएम), लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, स्ट्रेचर, टॉवर लाइट, चेन सॉ, हैमर ड्रिल मशीन, गैस मास्क, बीए सेट समेत अन्य आपदा प्रबंधन उपकरणों की कार्यक्षमता का परीक्षण कराया। अधिकारियों ने सभी उपकरणों का संचालन कर उनकी उपयोगिता और तैयारियों की जानकारी दी।
होमगार्ड प्लाटून कमांडर शिवराज पंद्रे ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न चरणों—आपदा पूर्व तैयारी, आपदा के दौरान बचाव कार्य और आपदा उपरांत पुनर्वास—की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही कर्मचारियों और होमगार्ड जवानों को मॉक ड्रिल के माध्यम से आगजनी से बचाव, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), सीपीआर, बाढ़ बचाव अभियान और राहत शिविरों के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान होमगार्ड जवानों ने डेम घाट के भीतर जल बचाव अभियान का जीवंत प्रदर्शन किया। उन्होंने तैराकी और रेस्क्यू तकनीकों के माध्यम से दिखाया कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया किस प्रकार अपनाई जाती है। इस प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने होमगार्ड विभाग को निर्देश दिए कि बरसात के दौरान आवश्यक अतिरिक्त संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही भोपाल को मांगपत्र भेजा जाए। उन्होंने जिलेवासियों से भी अपील की कि बाढ़ एवं आपदा से बचाव संबंधी जानकारी के लिए होमगार्ड कार्यालय या नर्मदा डेम घाट पर तैनात जवानों से संपर्क करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोका जा सके।
डिंडौरी जिला प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है और समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित कर तैयारियों को परखा जाएगा।