Ground Report: राहुल आए, फोटो ली और चले गए, आपबीती ना सुना पाने से नाराज महिलाओं ने नवभारत से कही दिल की बात

Rahul Gandhi Balaghat Visit: राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के बाद आदिवासी महिलाओं ने नवभारत से नाराजगी जताई। महिलाओं ने कहा कि वे अपनी आपबीती बताना चाहती थीं, लेकिन उन्हें बात रखने का मौका नहीं मिला।
Rahul Gandhi meeting tribal families in Balaghat
राहुल गांधी से मिलने के बाद महिलाओं ने जताई नाराजगीफोटो सोर्स- नवभारत
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Balaghat Tribal Women : राहुल गांधी गुरुवार को बालाघाट के आदिवासी बहुल इलाके पहुंचे और बीमारी से जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों का हालचाल जाना और बच्चों की मौत के मामले को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। लेकिन राहुल गांधी के दौरे के बाद नवभारत की टीम ने जब ग्रामीणों और महिलाओं से बातचीत की तो मुलाकात को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ महिलाएं इस बात से नाराज नजर आईं कि उन्हें अपनी परेशानी सीधे राहुल गांधी के सामने रखने का मौका नहीं मिला।

ग्रामीण महिलाओं ने नवभारत से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी आए, बैठे, फोटो खिंचवाई और चले गए। उनका कहना था कि वे अपनी समस्याएं और आपबीती राहुल गांधी को बताना चाहती थीं, लेकिन उन्हें व्यक्तिगत तौर पर अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पाया। महिलाओं की नाराजगी का मुख्य कारण यही रहा कि मुलाकात सामूहिक बातचीत तक सीमित रही और वे अपनी समस्याएं सीधे राहुल गांधी तक नहीं पहुंचा सकीं।

सामूहिक बातचीत में हुई मुलाकात

राहुल गांधी ने प्रभावित गांव जगला में मृत बच्चों के परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चों की मौत, कुपोषण, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, मनरेगा, जमीन के पट्टे और मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी का जगला में करीब एक घंटे का कार्यक्रम था और उनका फोकस प्रभावित आदिवासी परिवारों की समस्याओं पर रहा।

Rahul Gandhi meeting tribal families
आदिवासी लोगों से मिले राहुल गांधीफोटो सोर्स- सोशल मीडिया

राहुल गांधी ने सरकार पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद कहा कि बालाघाट में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई है और उनके मुताबिक इनमें सबसे अधिक मौतें कुपोषण के कारण हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी इलाकों में लोगों को उनके अधिकार और बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने जमीन के पट्टे, मनरेगा और मुआवजे का मुद्दा भी उठाया और कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनमें से आधे परिवारों को भी मुआवजा नहीं मिला है।

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बालाघाट में आदिवासियों से मिले राहुल गांधीफोटो सोर्स- नवभारत

अस्पताल, स्कूल और रोजगार का भी मुद्दा

राहुल गांधी ने प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में अस्पताल, स्कूल और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि लोगों को समय पर इलाज मिले, इसके लिए स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आदिवासी परिवारों को जमीन के पट्टे और मनरेगा से जुड़ी सुविधाएं देने की बात कही। राहुल गांधी ने इन मुद्दों को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।

विधायक भी कई बार उठा चुके हैं मुद्दा

बालाघाट में बच्चों की मौत और आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक संजय उइके भी सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। विधायक का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में 18 बार उठाया है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। वहीं, बालाघाट के बैहर और बिरसा क्षेत्र में बच्चों की मौत को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। हालिया रिपोर्टों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों का उल्लेख किया गया है।

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दौरे के बाद महिलाओं की नाराजगी बनी चर्चा

बालाघाट में बच्चों की मौत के बाद राहुल गांधी के दौरे में जहां प्रभावित परिवारों से मुलाकात और सरकार पर लगाए गए आरोप चर्चा में रहे, वहीं कुछ महिलाओं की नाराजगी भी सामने आई। महिलाओं का कहना है कि वे अपनी आपबीती और समस्याएं राहुल गांधी को बताना चाहती थीं, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। अब सवाल यही है कि प्रभावित परिवारों की समस्याएं आगे किस स्तर पर उठती हैं और स्वास्थ्य सुविधाओं, मुआवजे तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें कितना मिलता है।

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