

Balaghat Pregnant Woman Assault Allegations: बालाघाट जिले के किरनापुर थाना पुलिस पर गर्भवती महिला को चोरी के मामले में झूठा आरोपी बनाकर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। सोमवार को घायल महिला की हालत इतनी खराब थी कि परिजन उसे खाट पर लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए।
घटना की जानकारी मिलते ही डिप्टी कलेक्टर राहुल नायक मौके पर पहुंचे और महिला को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा भी अस्पताल पहुंचे और किरनापुर थाना स्टाफ को निलंबित कर जांच महिला एसआईटी को सौंपने की बात कही।
परिजनों के मुताबिक, किरनापुर थाना क्षेत्र के ग्राम टिमकीटोला में रहने वाले कैलाश चौधरी की पत्नी सावित्री चौधरी करीब 30 वर्ष की हैं और दो माह की गर्भवती हैं। बताया गया कि 2 सितंबर को क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस में चोरी हुई थी। इसके बाद कथित तौर पर किसी तीसरे व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोप के आधार पर पुलिस दोनों पति-पत्नी को घर से उठाकर थाने ले गई। परिवार का आरोप है कि उन्हें हिरासत में लेने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।
कैलाश चौधरी ने आरोप लगाया कि बालाघाट जिले की पुलिस ने पति-पत्नी को अलग-अलग कमरों में रखकर गाली-गलौज की और चौड़े बेल्ट व डंडे से मारपीट की। उनका दावा है कि निजी अंगों पर भी चोट पहुंचाई गई, जिसके चलते दोनों कथित तौर पर बेहोश हो गए। आरोप है कि मारपीट के दौरान सावित्री को चोरी कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। परिवार के मुताबिक, घटना के बाद महिला की हालत लगातार खराब बनी हुई है और वह पिछले पांच दिनों से गंभीर स्थिति में है।
मामले की जानकारी पूर्व सेना जवान तोमेश्वर राहंगडाले और अन्य लोगों को मिलने के बाद घायल महिला, उसके पति और परिवार के सदस्यों को कलेक्ट्रेट ले जाया गया। यहां परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, कथित झूठी एफआईआर हटाने और मुआवजा देने की मांग की। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने किरनापुर थाना स्टाफ को तत्काल निलंबित करने और जांच महिला एसआईटी को सौंपने की जानकारी दी। जिला प्रशासन ने उचित कार्रवाई के लिए परिजनों से सात दिन का समय मांगा है।