पशु क्रूरता को रोकने के लिए मनाया जाता है ‘विश्व पशु चिकित्सा दिवस’, जानें इससे जुड़ी कुछ खास बातें
- Written By: वैष्णवी वंजारी
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली: किसी विशेष दिन को मनाने के पीछे कुछ खास उद्देश्य होता है। उसी तरह हर साल विश्व पशु चिकित्सा दिवस (World Veterinary Day 2023) अप्रैल के आखिरी शनिवार को मनाया जाता है। इस साल यह दिन आज यानी 29 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस दिन का उद्देश्य पशु स्वास्थ्य देखभाल और पशु क्रूरता को रोकने के लिए कदम उठाने के बारे में जागरूकता फैलाना है। यह दिन पालतू जानवरों की देखभाल से संबंधित विभिन्न पहलुओं के बारे में अच्छी तरह से सूचित होने के साथ-साथ एक ज़िम्मेदार पालतू पशु मालिक बनना भी सिखाता है। आइए जानते है इस दिन के बारे में और भी कुछ खास बातें…
जानकारी के लिए आपको बता विश्व पशु चिकित्सा दिवस का इतिहास 1863 से शुरू होता है। दरअसल एडिनबर्ग के वेटरनरी कॉलेज के प्रोफेसर जॉन गमगी ने यूरोप के पशु चिकित्सकों को एक बैठक के लिए आमंत्रित किया था। बता दें कि इस बैठक का नाम इंटरनेशनल वेटरनरी कांग्रेस रखा गया।
1906 में विश्व पशु चिकित्सा कांग्रेस के 8वें सत्र के सदस्यों ने एक स्थायी समिति का गठन किया था। स्टॉकहोम में कांग्रेस के 15वें अधिवेशन में स्थायी समिति और अन्य सदस्यों को बड़े संगठन की आवश्यकता महसूस हुई। इसलिए, 1959 में मैड्रिड में आयोजित अगले कांग्रेस सत्र के साथ, विश्व पशु चिकित्सा संघ की स्थापना की गई।
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1997 में एक नया संविधान बना और संगठन की संरचना को भी पूरी तरह से बदल दिया गया। विश्व पशु चिकित्सा संघ में 70 से अधिक देशों के सदस्य शामिल हैं। एसोसिएशन के प्रत्येक सदस्य को एक निश्चित सदस्यता शुल्क का भुगतान करना आवश्यक है। 2001 में विश्व पशु चिकित्सा संघ ने अप्रैल के अंतिम शनिवार को विश्व पशु चिकित्सा दिवस मनाने का निर्णय लिया।
