विश्व बालश्रम निषेध दिवस (सौजन्य : सोशल मीडिया )
कहते हैं कि बचपन जीवन का सबसे अनमोल समय होता है। लेकिन, उसी बचपन में पढ़ाई लिखाई के बजाय अगर बच्चे बाल मजदूरी करने लगे, तो उनका बचपन नष्ट हो जाता है। हर साल करोड़ों बच्चे पढ़ाई लिखाई छोड़कर बाल मजदूरी में लग जाते हैं। ऐसे में बच्चों के बचपन को बचाने और लोगों के बीच इसके लिए जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 12 जून 2022 को ‘विश्व बालश्रम निषेध दिवस’ (World Day Against Child Labour) मनाया जाता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाल श्रम की सबसे बड़ी वजह ही गरीबी है। जिससे मजबूर होकर बच्चों को मजदूरी करना पड़ता है। गरीबी को पूरी तरह मिटाने में सरकारों, नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों के साथ-साथ दुनियाभर में लाखों लोगों को हर साल बाल श्रमिक को रोकने के लिए जागरूक किया जाता है, फिर इनकी तादाद बढ़ती जा रही है। बच्चों की मदद के लिए कई कैंपेन भी चलाए जाते है। कई बच्चे ऐसे हैं जो बहुत छोटी उम्र में अपना बचपन खो देते हैं। ऐसे में आइए जानें कैसे और कब हुई थी इस दिन को मनाने की शुरुआत, इसका महत्व व थीम।
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने साल 2002 में ‘वर्ल्ड डे अगेंस्ट चाइल्ड लेबर’ की स्थापना की और तब से इसे हर साल मनाया जाता है। यह दिन बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई करने और इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए व्यक्तियों, संगठनों और सरकारों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इस साल 21वां वर्ल्ड डे अगेंस्ट चाइल्ड लेबर मनाया जाएगा। हर साल इस दिन अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) कई कार्यक्रमों की मेजबानी करता है, जो चाइल्ड लेबर को खत्म करने के महत्व पर जोर देने के लिए होता है।
जानकारों के अनुसार, इस दिवस का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम की भयावहता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। लाखों बच्चों को आज भी शिक्षा और सुरक्षित बचपन के अधिकार से वंचित रखा जाता है। वे खतरनाक उद्योगों में काम करने को मजबूर हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास बाधित होता है। बाल श्रम अक्सर गरीबी और सामाजिक असमानता से उत्पन्न होता है।
बाल श्रम की समस्या का समाधान तभी संभव है, जब गरीबी कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही, शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाना और बाल श्रम के खिलाफ सख्त कानून लागू करना आवश्यक है। इस दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम बाल श्रम के खिलाफ आवाज उठाएंगे और हर बच्चे को उचित शिक्षा और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का प्रयास करेंगे। तभी हम एक ऐसा समाज बना पाएंगे, जहां हर बच्चा अपने सपनों को पूरा करने का अवसर पा सके।
( लेखिका- सीमा कुमारी )