काला घोड़ा कला महोत्सव,(सौ.सोशल मीडिया)
Kala Ghoda Art Festival 2025: भारत के सबसे बड़े और सबसे लंबे समय तक चलने वाले त्यौहारों में से एक काला घोड़ा कला महोत्सव इस बार 25 जनवरी से 2 फरवरी तक,दक्षिण मुंबई में मनाया जाएगा। काला घोड़ा फेस्टिवल नृत्य, कला और संगीत के शौकीनों के लिए बहुत ही खास फेस्टिवल्स के रूप में जाना जाता है।
यह फेस्टिवल हर साल मायानगरी मुंबई में मनाया जाता है। इस साल, यह महोत्सव अपने Kala Ghoda 25th Anniversary का जश्न मना रहा है।
आपको बता दें, काला घोड़ा एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस साल के फेस्टिवल की थीम “सिल्वर घोड़ा” है, जो भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत का सम्मान करते हुए अपनी रजत जयंती को भव्य तरीके से मनाएगा।
बता दें, काला घोड़ा फेस्टिवल में नृत्य से लेकर संगीत, चित्रकारी, हैंडीक्राफ्ट, ग्राफिक्स आर्ट, सिनेमा और साहित्य के अलावा और भी कई तरह की कलाओं की प्रदर्शनी देखने को मिलती है।
यहां आप फ्रेंड्स के साथ आएं या फैमिली के साथ, एंजॉयमेंट की पूरी गारंटी है। ‘काला घोड़ा फेस्टिवल’ काफी हद तक दिल्ली में लगने वाले ‘ट्रेड फेयर मेले’ जैसा ही होता है, जहां भारत के अलावा विदेशी कलाकारों की भी खूबसूरत कलाकृतियां और प्रदर्शन देखने का मौका मिलता है। अगर, आप कला प्रेमी हैं, तो इस फेस्टिवल को देखने का मौका बिल्कुल भी मिस न करें। आइए जानते हैं काला घोड़ा फेस्टिवल से जुड़ी रोचक और दिलचस्प बातें –
क्यों मशहूर है ये काला घोड़ा फेस्टिवल
आपको बता दें, काला घोड़ा फेस्टिवल भारत के सबसे बड़े और सबसे लंबे समय तक चलने वाले त्यौहारों में से एक है। काला घोड़ा कला महोत्सव, मुंबई में आयोजित होने वाला एक फ़ेमस आर्ट फ़ेस्टिवल है।
यह फ़ेस्टिवल कला, संगीत, नृत्य, साहित्य, थिएटर, और भोजन जैसी कई तरह की गतिविधियों का आयोजन करता है। यह फ़ेस्टिवल भारतीय संस्कृति और कला को समर्पित है। इस फ़ेस्टिवल में कलाकारों, वार्ता, संगीत, भोजन, और सांस्कृतिक कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है।
कब हुई थी काला घोड़ा कला फेस्टिवल की शुरुआत
काला घोड़ा कला फेस्टिवल पहली बार वर्ष 1999 में शुरू हुआ था। ये आमतौर पर मुंबई, फोर्ट के काला घोड़ा जिले में और इसके आसपास आयोजित किया जाता है। काला घोड़ा को इंग्लिश में ब्लैक हॉर्स कहा जाता है जो किंग एडवर्ड VII (तत्कालीन प्रिंस ऑफ वेल्स) की काले पत्थर की मूर्ति का उल्लेख करता है, ये मूर्ति घोड़े की सवारी करते हुए मुंबई के इस क्षेत्र में रखी गई थी। हालांकि, प्रतिमा को 1965 में ब्यकुला ज़ू में भेज दिया गया था।
काला घोड़ा फेस्टिवल की एंट्री फीस
बता दें, इस फेस्टिवल में जाने के लिए आपको किसी तरह की कोई टिकट नहीं लेना पड़ेगा। 9 दिनों तक चलने वाले अलग-अलग इवेंट्स को आप फ्री में एंजॉय कर सकते हैं।
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यहां आपको अलग-अलग तरह की कलाओं के बारे में सीखने और जानने को मिलेगा। बड़ों के साथ ही यहां बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए भी कई तरह के एक्टिविटीज अवेलेबल होती हैं। यहां आकर आप एंजॉयमेंट के साथ कपड़े, जूते, बैग और सजावटी चीजों की खरीददारी भी कर सकते हैं।