रणथंभौर की सैर: टाइगर सफारी से लेकर ऐतिहासिक किले तक, यहां घूमने के लिए हैं ये बेहतरीन जगहें

Luxury Wildlife Safari: राजस्थान का रणथम्भौर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए पूरी दुनिया में एक अलग पहचान रखता है। यह खूबसूरत पर्यटन स्थल वैश्विक चर्चा का विषय रहा है।
Ranthambore Travel Guide: Best Places for Tiger Safari and Historic Fort Tours 
राजस्थान का रणथम्भौर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Ranthambore Best Places for Tiger Safari and Historic Fort Tours: रणथंभौर नेशनल पार्क राजस्थान की एक अनमोल जगह है जहां प्रकृति और इतिहास का मिलन होता है। यहां की टाइगर सफारी दुनिया भर में प्रसिद्ध है और सैलानी यहां बाघों को करीब से देखने आते हैं। इसके अलावा 10वीं शताब्दी का विशाल किला और प्राचीन मंदिर यहां के मुख्य आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

रणथंभौर सफारी

रणथंभौर नेशनल पार्क में टाइगर सफारी सबसे रोमांचक अनुभव है जिसे आप कभी नहीं भूल पाएंगे। यहां जीप सफारी के लिए भारतीयों को 2050 रुपये और विदेशियों को 5000 रुपये देने होते हैं। कैंटर सफारी का शुल्क भारतीयों के लिए 1600 रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 4500 रुपये है। बाघों को देखने के लिए पार्क को कुल 10 अलग-अलग पर्यटन जोन में विभाजित किया गया है। जोन 1 से 5 तक बाघों की मौजूदगी सबसे अधिक रहती है और पर्यटक इन्हें ज्यादा पसंद करते हैं। सफारी की बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से पहले ही करा लेना यात्रा को और भी सुखद बना देता है।

ऐतिहासिक किला

रणथंभौर का किला यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है जो अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है जहां से पूरे जंगल का अद्भुत नजारा दिखाई देता है। किले के अंदर प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक वास्तुकला के अवशेष आज भी शान से खड़े हैं। किले में प्रवेश के लिए भारतीय नागरिकों को मात्र 25 रुपये का मामूली शुल्क देना पड़ता है। विदेशी पर्यटकों के लिए यहां प्रवेश शुल्क 200 रुपये निर्धारित किया गया है जो काफी किफायती है। सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक आप इस विशाल ऐतिहासिक धरोहर को देख सकते हैं।

त्रिनेत्र गणेश

किले के भीतर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर दुनिया भर के श्रद्धालुओं की आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है। यह भारत का इकलौता मंदिर है जहां भगवान गणेश अपने पूरे परिवार के साथ विराजमान दिखाई देते हैं। भक्त यहां अपने घर के मांगलिक कार्यों का पहला निमंत्रण पत्र भेजने की परंपरा निभाते हैं। मंदिर के आसपास की शांति और आध्यात्मिक वातावरण पर्यटकों के मन को बहुत सुकून पहुंचाता है। सफारी के बाद लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं और अपनी सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। यहां की वास्तुकला और धार्मिक महत्व इसे रणथंभौर की यात्रा का अनिवार्य हिस्सा बनाती है।

खूबसूरत झीलें

पद्म तालाब रणथंभौर नेशनल पार्क की सबसे बड़ी और सुंदर झील है जहां वन्यजीव अक्सर आते हैं। इस झील के किनारे जोगी महल स्थित है जो पुराने समय में राजाओं का विश्राम गृह था। यहां सुबह के समय बाघों और अन्य जंगली जानवरों को पानी पीते देखना जादुई लगता है।

मानसून के दौरान यहां की हरियाली और तालाबों का नजारा किसी जन्नत से कम नहीं लगता है। राजबाग तालाब और मलिक तालाब भी पक्षी प्रेमियों के लिए बहुत ही शानदार पर्यटन स्थल माने जाते हैं। इन झीलों के किनारे आप प्रकृति की गोद में शांति के कुछ पल बिता सकते हैं।

कला विद्यालय

वन्यजीवों के प्रति प्रेम को दर्शाने के लिए रणथंभौर स्कूल ऑफ आर्ट एक बेहतरीन जगह है। यहां स्थानीय कलाकार बाघों और जंगल के सुंदर चित्रों को बहुत ही बारीकी से कैनवास पर उतारते हैं। पर्यटक यहां से अपनी यात्रा की याद के रूप में बेहतरीन पेंटिंग्स खरीदकर ले जाते हैं।

यह संस्थान न केवल कला को बढ़ावा देता है बल्कि बाघ संरक्षण के प्रति जागरूकता भी फैलाता है। यहां की कलाकृतियां राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और वन्यजीव प्रेम का सजीव उदाहरण पेश करती हैं। कला प्रेमियों के लिए सवाई माधोपुर की यह जगह वाकई में बहुत ज्यादा प्रेरणादायक है।

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