

Manali traffic News : दिल्ली और गुरुग्राम की भागदौड़ से थक कर लोग सुकून की तलाश में शिमला और मनाली तो निकल गए, लेकिन पहाड़ों पर कदम रखते उनका सामना ऐसी हकीकत से हुआ, जिसकी उन्होंने कल्पना नहीं की थी। जिस शांति और बर्फबारी के लुत्फ के लिए उन्होंने घर छोड़ा था, उसकी जगह उन्हें मिले-किलोमीटरों लंबे जाम, कड़ाके की ठंड और होटलों के बाहर लटके नो वैकेंसी के बोर्ड। आप भी हिमाचल की तरफ निकलने का मन बना रहे तो इस जमीनी हकीकत को जरूर जान लें।
लंबे सूखे के बाद हिमाचल में कुदरत मेहरबान तो हुई, लेकिन लॉन्ग वीकेंड ने सारा खेल बिगाड़ दिया। मनाली में एंट्री करने के लिए पर्यटकों को 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक अपनी गाड़ियों में रात बितानी पड़ी। आलम यह है कि जो नेशनल हाईवे मनाली को जोड़ता है, वहां 10 किलोमीटर तक गाड़ियों की कतारें लगी हुई हैं।
मनाली की सड़कों पर दो-दो फीट बर्फ जमी होने के कारण गाड़ियां रेंगना भी बंद हो गई हैं। कई टूरिस्ट को मजबूरन अपनी गाड़ियां सड़क किनारे ही छोड़नी पड़ीं और वे घुटनों तक जमी बर्फ में 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी मंजिलों तक पहुंचे।
बिजली संकट : भारी बर्फबारी के कारण कई इलाकों में बिजली गुल है, जिससे होटलों में हीटिंग की समस्या हो रही है।
होटलों में जगह नहीं : अचानक भीड़ बढ़ने से ज्यादातर होटल फुल हैं। जो कमरे बचे हैं, उनके दाम आसमान छू रहे।
नेटवर्क की समस्या : ठंड और बिजली न होने से मोबाइल नेटवर्क साथ छोड़ रहे।
टैंक फुल रखें : ठंड में हीटर चलाने और जाम में फंसने से गाड़ी का ईंधन बहुत जल्दी खत्म होता है। हाईवे पर पेट्रोल पंप तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
कैश साथ रखें : खराब नेटवर्क के कारण डिजिटल पेमेंट फेल हो सकते हैं, इसलिए पर्याप्त नकदी साथ रखें।
स्थानीय अपडेट : मनाली या कुल्लू के लोकल पुलिस हैंडल को चेक करते रहें।
प्रशासन की अपील : मौसम सामान्य होने तक अपनी यात्रा को कुछ दिनों के लिए टाल दें। फिलहाल पहाड़ों में नो एंट्री जैसा माहौल है।