

तिथि - संवत
राष्ट्रीय मिति 8, शके 1945 , विक्रम संवत 2080, उत्तरायण शिशिर ऋतु, माघ कृष्ण पक्ष तृतीया 30:10,
ता. : 28 - 1 - 2024, रविवार
सूर्य उदय - 7:02 सूर्य अस्त - 6:07
सूर्योदय कालीन नक्षत्र - मघा 15:51, योग - सौभाग्य 8:49, बाद में शोभन, करण- वणिज 16:51, बाद में विष्टि 30:10
शुभ दिवस – आज का दिन दोपहर 4:51 बजे तक मध्यम है,
ग्रह गोचर - सूर्य - मकर, चन्द्र – सिंह, मंगल - धनु, बुध - धनु , गुरु – मेष,
शुक्र - धनु, शनि - कुंभ, राहु - मीन,
केतु - कन्या
भद्रा – दिन 4:51 से रात अन्त 6:10 बजे तक
राहु काल- सायं 4:30 से 6:00बजे तक
दिशा शूल - पश्चिम एवं नैऋत्य
आराधना – सूर्य को प्रातः अर्घ्य एवं आराधना
उपासना - ऐश्वर्य प्राप्ति एवं रोग नाश हेतु उपवास एवं उपासना
खरीदी हेतु शुभ समय - आज प्रातः से रात भर तक मघा एवं पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र हैं जो खरीदी के लिए शुभ समय नहीं है
शुभ अंक - 1, 2, 6
शुभ रंग - सुनहरा एवं पीला
शुभ रत्न - सूर्य के लिए माणिक्य
ग्रह पीड़ा हरण मंत्र - सूर्य ग्रह
ग्रहाणां आदि आदित्यो लोक रक्षण कारक:।
विषम स्थान संभूतां पीड़ां हरतु मे रवि:।
चौघड़िया मुहूर्त
दिन - प्रात:6:00, चंचल - 7:30, लाभ - 9:00, अमृत - 10:30,
काल - दोप.12:00, शुभ - 1:30,
रोग - 3:00, उद्वेग - 4:30
रात - शुभ - शाम 6:00,
अमृत - रात 7:30, चंचल - 9:00, रोग - 10:30, काल - 12:00,
लाभ - 1:30, उद्वेग - 3:00,
शुभ - प्रात: 4:30
शुभ मुहूर्त- शुभ, अमृत, लाभ,चंचल
अशुभ मुहूर्त - रोग,काल
मध्यम मुहूर्त - उद्वेग