

नई दिल्ली: हर साला की तरह इस साल भी पूरी दुनिया में आज यानी 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस' के रूप में मनाया जाता है। विश्व धरोहर दिवस मनाने का उद्देश्य क्या है? जैसा कि हमने आपको बताया विश्व धरोहर दिवस पुरे दुनिया भर में हर साल 18 अप्रैल को मनाया जाता है। आइए आज जानते है इस 'विश्व धरोहर दिवस' से जुड़ी कुछ खास बातें...
युनेस्को विश्व विरासत स्थल ऐसे विशेष स्थानों (जैसे वन क्षेत्र, पर्वत, झील, मरुस्थल, स्मारक, भवन, या शहर इत्यादि) को कहा जाता है, जो विश्व विरासत स्थल समिति द्वारा चयनित होते हैं; और यही समिति इन स्थलों की देखरेख युनेस्को के तत्वाधान में करती है।
जैसा कई हमने आपको बताया विश्व धरोहर दिवस पुरे दुनिया भर में हर साल 18 अप्रैल को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मानव विरासत को संरक्षित करना और क्षेत्र के सभी प्रासंगिक संगठनों के प्रयासों को पहचानना है। हर साल 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस मनाया जाता है।
वैसे तो पूरी दुनिया में विश्व धरोहर है, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे है कि भारत में कुल कितने विश्व धरोहर है। जी हां जानकारी के मुताबिक, 2022 में विश्व धरोहर स्थलों की कुल संख्या 38 से बढ़कर 40 हो गई, यानी यूनेस्को ने दो और भारत का यूनेस्को की विश्व धरोहर घोषित किया है।
यह विश्व धरोहर समिति के वार्षिक सत्र के दौरान चुने गए शिलालेख के वर्ष के अनुसार दुनिया भर में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची है। सूची में पहला विश्व धरोहर स्थल गैलापागोस द्वीप समूह है।
इस शहर की स्थापना 1411 में तत्कालीन गुजरात के शासक अहमद शाह ने करवाई थी। पोलैंड के क्राको शहर में आयोजित यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज कमेटी की 41वीं बैठक में अहमदाबाद को विश्व धरोहर शहर घोषित किया गया।