आज है मां काली की अवतार मां छिन्नमस्तिका की जयंती, जानिए देवी प्रचंड चंडिका की विशेष पूजा की महिमा

Chhinnamastika-Jayanti-2023
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सीमा कुमारी

नई दिल्ली: मां छिन्नमस्तिका देवी को समर्पित 'छिन्नमस्तिका जयंती' (Chinnamasta Jayanti) हिन्दू धर्म में बड़ा महत्व रखता है। मां छिन्नमस्तिका मां काली की अवतार हैं, देवी को देश के कई हिस्सों में 'देवी प्रचंड चंडिका' के रूप में भी जाना जाता है। हर साल वैशाख महीने की चतुर्दशी तिथि को 'छिन्नमस्तिका जयंती' मनाई जाती है। इस साल यह जयंती (Chhinnamastika Jayanti 2023) आज यानी 4 मई को मनाई जाएगी। सनातन धर्म में मां छिन्नमस्तिका को सर्व सिद्धि पूर्ण करने वाली अधिष्ठात्री कहा जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि, मां की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। इसके लिए साधक श्रद्धा भाव से मां छिन्नमस्ता की पूजा, जप एवं तप करते हैं। आइए जानें 'छिन्नमस्तिका जयंती' की पूजा विधि और महिमा के बारे में-

पूजा विधि

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले मैया का ध्यान कर दिन की शुरुआत करें। फिर घर की साफ-सफाई अच्छे से करें। इसके पश्चात, गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें और लाल रंग का नवीन वस्त्र धारण करें। फिर, हाथ में जल लेकर आचमन कर खुद को शुद्ध करें। इसके बाद दाहिने हाथ में लाल पुष्प रख व्रत संकल्प लें। अब एक चौकी पर मैया की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर मां को श्रृंगार का सामान भेंट करें। इसके बाद फल, फूल, धूप-दीप, कुमकुम, अक्षत और मिष्ठान भेंट करें। अंत में आरती अर्चना कर सुख, शांति और धन की कामना करें। आप गुप्ता इच्छा की भी कामना कर सकते हैं। दिनभर उपवास रखें। शाम में आरती के बाद फलाहार करें।

महिमा

सनातन धर्म में छिन्नमस्तिका जयंती' (Chhinnamastika Jayanti) का विशेष महत्व है। गुप्त ज्ञान सीखने वाले साधकों के लिए यह उत्सव जैसा रहता है। मां की जयंती मनाने के कुछ दिन पहले से ही जोरदार तैयारियां शुरू हो जाती है। मां के दरबार को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। इस मौके पर मां दुर्गा सप्तशती के पाठ का आयोजन भी किया जाता है। जिसमें श्रद्धालुओं सहित सभी भक्त भाग लेते है। इस दिन श्रद्धालुओं को लंगर परोसा जाता है जिसमें तरह-तरह के लजीज व्यंजन शामिल होते हैं। माता चिंताओं का हरण करने वाली है।  

कहा जाता है कि, मां के दरबार में जो भी सच्चे मन से आता है उसकी हर मुराद पूरी होती है। मां का आशीर्वाद सभी पर इसी तरह बना रहे इसके लिए मां के दरबार में विश्व शांति और कल्याण के लिए मां की स्तुति का पाठ भी किया जाता है। मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए जाते हैं। इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं मां की पावन पिंडी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करते हैं।

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