आज है 'देवशयनी एकादशी', इस विशेष दिन पर न हो जाएं ये गलतियां, अन्यथा भुगतने पड़ सकते हैं गंभीर परिणाम

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सीमा कुमारी

नई दिल्ली: 29 जून 2023, गुरुवार को 'देवशयनी एकादशी' (Devshayani Ekadashi 2023) का पावन व्रत है। शास्त्रों के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु चार मास के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिसे चतुर्मास के नाम से जाना जाता है। लेकिन, वर्ष 2023 में 'अधिक मास' के कारण चातुर्मास 4 नहीं, बल्कि 5 महीने का होगा। ऐसी भी मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य करने से साधक के लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं।

ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ उपाय करने बेहद जरूरी होते   हैं। ऐसे में कुछ ऐसी गलतियां हैं जिन्हें करने से बचना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भी उठाने पड़ सकते हैं। आइए ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र से जानते हैं कि देवशयनी एकादशी पर कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए।

ज्योतिषाचार्य ऋषिकांत मिश्र के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु की प्रिय मानी जाती है. इसलिए माता लक्ष्मी भी तुलसी की पूजा करती हैं। कहते हैं कि एकादशी के दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ने से बचना चाहिए। यदि तुलसी पत्तियों का प्रयोग करना ही है तो इनके दल पहले से ही तोड़कर रख लेना चाहिए।

सनातन धर्म में हर घर में तुलसी का होना बेहद शुभ माना जाता हैं। मान्यता है कि तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी का वास होता हैं। साथ ही इस दिन मां लक्ष्मी निर्जला व्रत भी रखती हैं। इसके चलते देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी पर जल चढ़ाने के बचना चाहिए।

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, तुलसी को बहुत ही पवित्र माना गया है। इसके चलते देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी को जूठे या गंदे हाथों से छूने की मनाही होती है।  ऐसा करने से भगवान विष्णु नाराज हो जाते हैं।

इस दिन तुलसी का विशेष पूजा की जाती हैं। इसलिए कई ऐसे उपाय हैं, जिन्हें अवश्य रूप से करना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन काले वस्त्र धारण करके पूजा करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्मक शक्तियों का वास होता हैं।

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