क्या साल 2025 तक 50 लाख पार हो जाएगें ब्रेस्ट कैंसर के मरीज, गांव की महिलाओं के मुकाबले शहरी महिलाओं को ज्यादा खतरा

Breast Cancer, ICMR Report
ब्रेस्ट कैंसर के बढ़े मामले (सोशल मीडिया)
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नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: कैंसर की बीमारी (Cancer) देश के लिए भयावह होती जा रही है इससे पीड़ितों की संख्या में कमी होने के बजाय मामले बढ़ते जा रहे है। महिलाओं के बीच में होने वाला स्तन कैंसर ( Breast Cancer) अब आम कैंसर में से एक है जो हर एक से दो महिलाओं में देखने के लिए मिलता है। इस कैंसर को लेकर आने वाले साल 2025 में लाखों की संख्या में मामले बढ़ने की ICMR रिपोर्ट सामने आई है। इतना ही नहीं गांव की महिलाओं से ज्यादा शहरी महिलाओं को यह खतरा ज्यादा होने की संभावना है।

जानिए क्या कहती है रिपोर्ट

हाल ही में कैंसर को लेकर की गई रिसर्च में ICMR की एक रिपोर्ट में बड़ा गंभीर खुलासा हुआ कि, शहरी क्षेत्र की महिलाओं की तुलना में ग्रामीण महिलाओं को कम स्तन कैंसर का खतरा है। रिपोर्ट में यह सामने आया है कि, मेट्रो शहरों और बड़े राज्यों तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली जैसे राज्यों की महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा सबसे अधिक है। आंकड़ें यह भी कहते है कि, आने वाले साल 2025 में करीबन 56 लाख स्तन कैंसर के मामले हो जाएगें। पहले 2016 में इस कैंसर के मामले 1 लाख थी जिसके 9 सालों में इसका स्तर तेजी से बढ़ रहा है।

किस कारण शहरी महिलाओं में कैंसर

यहां पर शहरी महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने के मामले काफी ज्यादा अनहेल्दी लाइफस्टाइल के वजह से होते है। खानपान सही नहीं होना, लड़कियों की शादी देरी से होना, बच्चे के जन्म में देरी और अच्छी तरह से स्तनपान नहीं करा पाना। शहर के महिलाओं का कामकाजी होना भी इस बीमारी के पनपने का कारण बनता है। ये महिलाएं बच्चे को सही से स्तनपान नहीं करा पाती है। इस कैंसर से बचाव के लिए महिलाओं को जानकारी देने के साथ ही जागरूकता अभियान से परिचय कराना चाहिए। भारत में इस स्तन कैंसर के मरीज कैंसर की मेटास्टैटिक स्टेज से जूझ रहे है जिन्हें जागरूकता नहीं होने की वजह से इस प्रकार के मामले मिल रहे है। इससे बचाव के लिए महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना जरूरी है।

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