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अधिक मास की ‘इस’ विशेष एकादशी’ की पूजा ने कुबेर को बनाया धन का देवता, राजा हरिश्चंद्र को पुनः प्राप्त हुआ सबकुछ, जानिए शुभ मुहूर्त और इसकी महिमा

  • Written By: नवभारत डेस्क
Updated On: Aug 12, 2023 | 06:30 AM
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सीमा कुमारी

नई दिल्ली: पंचांग के अनुसार, अधिक मास की दूसरी एकादशी अर्थात ‘परमा एकादशी’ (Parama Ekadashi 2023) का व्रत इस साल 12 अगस्त 2023, शनिवार को रखा जा रहा है। परमा एकादशी का व्रत पांच दिन तक करने का विधान है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह एकादशी दुर्लभ सिद्धियों की दाता है। इसलिए इसे परमा भी कहा जाता है। कहा जाता है ये पंचरात्री अत्यंत पुण्य कारी होती है। यही कारण है कि सनातन धर्म में इस एकादशी का बहुत अधिक महत्व है। आइए जानें ‘परमा एकादशी’ का शुभ मुहूर्त,पूजा विधि और इसकी महिमा-

शुभ मुहूर्त

अधिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारम्भ 11 अगस्त, 2023 को सुबह 5 बजकर 6 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि 12 अगस्त 2023 सुबह 6 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में परमा एकादशी व्रत  12 अगस्त 2023, शनिवार के दिन को किया जाएगा। साथ ही इस व्रत के पारण का समय 13 अगस्त सुबह 5 बजकर 49 से 8 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।

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पूजा विधि

परमा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर और स्नानादि से निवृत होकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान विष्णु का पंचोपचार विधि से पूजन करें। निर्जला व्रत रखकर विष्णु पुराण का श्रवण या पाठ करें। इस दिन रात्रि में भजन-कीर्तन करते हुए जागरण करना चाहिए। इन दिन दान-दक्षिणा जरूर करें। द्वादशी के दिन प्रात: भगवान की पूजा करने के बाद व्रत का पारण करें।

महिमा

पौराणिक कथाओं के मुताबिक, जब इस व्रत को कुबेर जी ने किया था तो भगवान शंकर ने प्रसन्न होकर उन्हें धनाध्यक्ष बना दिया था। इस व्रत को करने से सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र को पुत्र, स्त्री और राज्य की प्राप्ति हुई थी।

ऐसी मान्यता है कि इस व्रत के दौरान पांच दिन तक स्वर्ण दान, विद्या दान, अन्न दान, भूमि दान और गौ दान करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उसे धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती।

The worship of this special ekadashi of adhik maas made kubera the god of wealth king harishchandra got everything back know the auspicious time and its glory

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Published On: Aug 12, 2023 | 06:30 AM

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