मध्य प्रदेश का ऐसा जिला, यहां भाईदूज पर बहनें अपने भाइयों को देती है खास “कंदोरा”
भाई दूज के खास मौके पर बुरहानपुर में खास तरह से बहनें अपने भाइयों को “कंदोरा” नामक एक धागा भेंट करती हैं, जो भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक होता है।
- Written By: दीपिका पाल
Bhai Dooj Rituals: दिवाली के अंतिम दिन आज भाई दूज का त्योहार मनाया जा रहा है जो भाई और बहनों के बीच अनोखे रिश्ते का प्रतीक होता है। खास दिन के मौके पर हर जगह कोई न कोई परंपरा प्रचलित होती है। भाई दूज का खास महत्व मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में देखने के लिए मिलता है यहां पर बहन अपने भाई को खास कंदोरा यानी धागा भेंट करती है।
मजबूत रिश्ते का प्रतीक है कन्दोरा
भाई दूज के खास मौके पर बुरहानपुर में खास तरह से बहनें अपने भाइयों को “कंदोरा” नामक एक धागा भेंट करती हैं, जो भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक होता है।एक विशेष मान्यता और उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहां कंदोरा पहनने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. यह धागा भाई-बहन के रिश्ते को मजबूती देने के उद्देश्य से बांधा जाता है, और भाई इसे अपनी कमर में बांधते हैं, जिससे उनके दिल में बहन की रक्षा का संकल्प और मजबूत होता है।
ये भी पढ़ें- आज मनाया जा रहा है अंतर्राष्ट्रीय बायोस्फीयर रिजर्व डे
सम्बंधित ख़बरें
बुरहानपुर कलेक्टर कार्यालय में सरपंच ने पीया कीटनाशक, पंचायत में भ्रष्टाचार और धमकी के लगाए आरोप
बुरहानपुर में आदिवासी समाज की हुंकार: प्रशासन को दिया अल्टीमेटम, जमीन विवाद नहीं सुलझे तो होगा आंदोलन
बुरहानपुर : मोमबत्तियों की रोशनी में फूटा किसानों का गुस्सा, पांगरी बांध प्रभावितों का ‘अंधेरा भगाओ आंदोलन’
बुरहानपुर में बड़ी कार्रवाई: गुड हॉस्पिटल सील, 20 बेड के अस्पताल में चल रहा था 350 मरीजों का इलाज
लाल और काले धागे में छुपा है प्रभाव
भाई दूज के मौके पर कन्दोरा देने का अलग अर्थ होता हैं इस धागे का रंग लाल और काला होता है, जो बुरे प्रभावों से रक्षा करने की मान्यता के साथ जुड़ा है. यह धागा भाइयों की कमर में बांधा जाता है और बहनों के संकल्प का प्रतीक होता हैं। कंदोरा धागा दिखने में साधारण हो सकता है, लेकिन यह बुरहानपुर में एक गहरी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है. इस धागे का प्रयोग केवल भाई दूज पर ही नहीं बल्कि अन्य अवसरों पर भी शुभ माना जाता है।
ये भी पढ़ें- क्या होता हैं लासा वायरस का बुखार, जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय
