विश्व कठपुतली दिवस 2024 आज (सोशल मीडिया)
नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: आपने राजस्थान (Rajasthan Puppet Dance) के फेमस कठपुतली का सुंदर नाच तो देखा होगा जिसमें सजे-धजे गुड्डे और गुड़ियां जनहित के कई विषयों को उछल कूद करते हुए बताती है। इसे देखने पर जितना मजा आता है उतना ही इन कठपुतलियों से अच्छा संदेश मिलता है। इन कठपुतलियों के लिए आज 21 मार्च का दिन विश्व कठपुतली दिवस यानि कि, World Puppetry Day 2024 के रूप में मनाते है। वर्तमान में आज कठपुतली का नाच जितना कम चर्चा में आने लगा है वहीं पर कई कठपुतली का नाच दिखाने वाले कलाकार आर्थिक तंगी से गुजर रहे है।
इन कठपुतलियों के माध्यम से कलाकार नाच दिखाते हुए लोगों को सामाजिक सरोकार और शासकीय योजनाओं की जानकारी बड़े ही शानदार ढंग से दिखाते है। लेकिन अब सोशल मीडिया के आने से इन कठपुतलियों के नाच के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। इस कला में केवल माहिर कलाकार ही रह गए है बाकि दूसरे कामों के साथ इसे करते है। आइए जानते है ऐसे ही छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कठपुतली नाच यानी पपेट शो दिखाने वाली किरण मोइत्रा के बारे में जो सरकारी योजनाओं के लिए पपेट शो करती है।
विश्व कठपुतली दिवस 2024 आज (सोशल मीडिया)
अपनी कला को लेकर छत्तीसगढ़ की किरण मोइत्रा बताती है कि, उन्होंने यह कला अपनी सास से सीखी थी जहां पर उनके निधन के बाद इस कला को जारी रखा लेकिन मौजूदा समय में कठपुतली नाच का चलन कम होने लगा है। वह सरकारी योजनाओं सहित चुनाव के दौरान मतदाता जागरूकता के लिए पपेट शो करती हैं इसके जरिए कई विषयों को पेश करती है और जागरूक करती है। साथ में काम करने वाले कलाकारों को इस पपेट शो से अब कोई फायदा नहीं मिल रहा है इसलिए दूसरे कामों को करने के लिए मजबूर है।
इस विधा को लेकर साथ में काम कर रहे पपेट कलाकार रूपेश कुर्रे कहते है, पिछले 15 साल से कठपुतली नाच दिखाने से जुड़े हुए हैं,पहले घर का गुजारा हो जाता था लेकिन अब दो बच्चे हो गए हैं ऐसे में काम नहीं मिलने से रोजी मजदूरी कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए,छत्तीसगढ़ पपेट शो को बंद होने से बचाना चाहिए।