

सीमा कुमारी
नई दिल्ली: कदंब का पेड़ विशेष रूप से अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। वहीं कदंब का वैज्ञानिक नाम 'नीलोमारकिया कैडंबा' (Neolamarckia cadamba) है। कदम्ब के फल, पत्तियां ही नहीं पूरा पेड़ ही स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। कदंब का पेड़ खासकर ब्लड शुगर के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है। आइए जानें कदंब के पेड़ से होने वाले फायदे के बारे में -
हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, कदंब का इस्तेमाल प्राचीन काल से ही घरेलू उपचार में किया जा रहा है। इस पेड़ की पत्तियां डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह खासकर टाइप-2 डायबिटीज के खिलाफ असर दिखाता है। इसके सेवन से शरीर में इंसुलिन का प्रोडक्शन कंट्रोल होता है जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।
कदंब एक प्रकार की एंटीट्यूमर गतिविधि पैदा करता है। इसका इस्तेमाल प्रोस्टेट कैंसर, स्तन कैंसर और पेट के कैंसर सहित कई प्रकार के कैंसर को कम कर सकता है। ये कोशिकाओं के विकास को सीमित करके इन्हें बढ़ने से रोकता है। इसमें कई बायोएक्टिव कंपाउंड होते हैं, जो कीमोथेराप्यूटिक एजेंटों के समान काम करते हैं।
जानकारों के अनुसार, भारत में कदंब के पेड़ों का इस्तेमाल किसी भी तरह के दर्द और सूजन से राहत दिलाने के लिए आयुर्वेदिक औषधि के रूप में किया जाता रहा है। दर्द से राहत पाने के लिए आप पत्तियों को एक कपड़े में प्रभावित जगह पर बांध सकते है। कई अध्ययन से अनुसार पेड़ की पत्तियों और छाल में एनाल्जेसिक और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दर्द को कम करते है।
एक्सपर्ट्स की मानें, तो इसमें एंटी-डायबिटिक गुण होने के साथ साथ पोली फेनॉल्स और फ्लेवेनॉइड भी मौजूद होते हैं। इन कंपाउंड से कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म में सुधार देखने को मिलता है और इस कारण ही ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है। कदंब का प्रयोग करने से हाई ब्लड शुगर के कारण नर्व, किडनी, आंखों, स्किन और पैरों पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सकता है।
इसके पत्ते घाव को भरने का भी काम करते हैं। बुखार के खिलाफ कदंब असर दिखाता है। इसके छाल से बने काढ़े का सेवन करने से बुखार दूर हो जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि, कदंब में बैक्टीरियल पाए जाते हैं। कदंब की जड़ में ऐसे गुण होते हैं, जो लिपीड को कम करने काम करते हैं। लीवर से जुड़ी परेशानियों में भी इसका जड़ बेहद कारगर साबित होता है। इसमें मौजूद एंटी फंगल गुण स्किन से जुड़े रोगों के खिलाफ असर दिखाता है।