National Fire Service Day: बस एक कॉल पर आग बुझाने पहुंच जाते हैं जाबांज, इन जवानों को समर्पित आज का दिन नेशनल फायर सर्विस डे
अग्निशमन दिवस हर साल 14 अप्रैल को मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष इस खास दिन आग से सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और आग लगने की घटनाओं को रोकने के प्रति जागरूक किया जाता है।
- Written By: दीपिका पाल
नेशनल फायर सर्विस डे 2025 (सौ. फाइल फोटो)
National Fire Service Day 2025: आज देशभर में नेशनल फायर सर्विस डे यानि राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा के रूप में मनाया जा रहा है। यहां पर अग्निशमन दिवस हर साल 14 अप्रैल को मनाया जाता है। प्रत्येक वर्ष इस खास दिन आग से सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और आग लगने की घटनाओं को रोकने के प्रति जागरूक किया जाता है। इस दिवस को मनाने के साथ ही दिल्ली फायर सर्विस विभाग द्वारा 14 से 20 अप्रैल तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है। जानिए इस दिवस से जुड़ा इतिहास और दमकलकर्मियों की कितनी राहें हैं आसान…
इस वजह से मनाते हैं ये दिन
राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस को 14 अप्रैल को मनाने के पीछे की एक वजह मानी जाती है। दरअसल यह दिन एक दर्दभरी घटना पर आधारित है। सन्र 1944 में 14 अप्रैल के दिन ही माल वाहक जहाज फोर्टस्टीकेन में लगी आग को बुझाने में 66 अग्निशमन जवान वीर गति को प्राप्त हुए थे। आग बुझाने के लिए घटना में वीरगति को प्राप्त बलिदानियों के सम्मन में इस दिवस को मनाते है। वहीं पर फायरमैन की क्या जिम्मेदारी होती है और सुरक्षा कितनी जरूरी है इस पर बात करते है।
इन तरीकों से मनाते है यह दिवस
राष्ट्रीय अग्निशमन दिवस की बात करें तो, इस दिन को फायर सर्विस विभाग द्वारा बलिदानियों की याद में मनाया जाता है। 14 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच मनाए जाने वाले अग्निशमन सप्ताह के दौरान फायर ब्रिगेड द्वारा विभिन्न कारखानों, शैक्षणिक संस्थाओं, ऑयल डिपो आदि जगहों पर अग्नि से बचाव संबंधी प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा अग्निशमन सप्ताह के अंतर्गत नागरिकों को अग्नि से बचाव तथा सावधानी बरतने के संबंध जागृत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। इसका उद्देश्य अग्निकांडों से होने वाली क्षति के प्रति नागरिकों को जागरूक करना होता है। इस दिन का हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
सम्बंधित ख़बरें
अकोला शहर के ताथोड नगर में भीषण आग, बड़ा हादसा टला, दो मोटरसाइकिलें, गोठा और घरेलू सामान जलकर खाक
जानवरों के तबेले को लगी आग चारा व लकड़ी जलकर राख, जान जोखिम में डालकर बुझाई आग
ठाणे में जलकर खाक हुई शिवशाही बस; धधकती आग से दमकलकर्मियों ने निकाला यात्री का 3 तोला सोना
20 मिनट की देरी ने खोली सिस्टम की पोल, नागपुर में अग्नि सुरक्षा पर खतरा, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
लाइफस्टाइल की खबरें जानने के लिए क्लिक करें
आसान नहीं होती फायर कर्मियों की जिंदगी
कहीं पर भी आग लगने पर हर एक कॉल पर फायरकर्मी तुरंत पहुंच जाते है। अपनी जान की बाजी लगाते हुए आग बुझाने का प्रयास करते है तो वहीं पर आग में फंसे लोगों को भी बाहर निकालते है। इतना आसान नहीं होता है खुद को आग में झोंक कर मौत से रूबरू हो जाना। फायर कर्मियों के लिए वैसे तो विभाग द्वारा उपकरण औऱ सेफ्टी के साधन दिए जाते है लेकिन कई बार आग बुझाने के दौरान दमकल कर्मी भी चोटिल हो जाती है। गर्मी के दिनों में आग की घटनाएं ज्यादा होती है इसके लिए दमकल कर्मियों को मुस्तैद और तैयार रहना होता है। हमारे देश में सीमा पर हो या फिर आग बुझाने वाले जाबांज, सभी का काम अतुलनीय है। देश को इन जाबांजों की सुरक्षा की बात नहीं बल्कि सुरक्षा उत्कृष्ट देनी चाहिए।
