कौन थी ऑल इंडिया रेडियो की पहली महिला न्यूज रीडर, जानिए आज राष्ट्रीय प्रसारण दिवस पर इतिहास
आज 23 जुलाई देशभर में राष्ट्रीय प्रसारण दिवस मनाया जा रहा है जो दिन रेडियो के जन्मदिवस को लेकर भी जाना जाता है। पहले रेडियो पर प्रसारणकर्ता पुरूष ही होते थे लेकिन 20 साल के बाद महिला न्यूज रीडर को हायर किया गया।
- Written By: दीपिका पाल
राष्ट्रीय प्रसारण दिवस 2024 (सौ.सोशल मीडिया)
आज 23 जुलाई देशभर में राष्ट्रीय प्रसारण दिवस मनाया जा रहा है तो वहीं पर आज के दिन से ही भारत में रेडियो की शुरूआत हुई। इसे लेकर लोगों ने रेडियो के जरिए देशभर में विभिन्न विषयों पर समाचार, कार्यक्रम, संगीत, नाटक, विज्ञान, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी रोचक जानकारियों को सुना और जाना। पहले रेडियो पर प्रसारणकर्ता पुरूष ही होते थे लेकिन 20 साल के बाद महिला न्यूज रीडर को हायर किया गया। जानिए क्या है राष्ट्रीय प्रसारण दिवस से जुड़ी बातें।
जानिए कब से हुई रेडियो की शुरूआत
आपको बताते चलें कि, भारतीय रेडियो के इतिहास की बात करें तो, इसकी शुरुआत साल 1927 में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (IBC) द्वारा बॉम्बे स्टेशन से रेडियो प्रसारण का आयोजन किया गया था। उस दौरान भारतीय प्रसारण सेवा का संचालन 1927 में मुंबई और कोलकाता में निजी स्वामित्व वाले दो ट्रांसमीटरों से शुरू हुआ था।
बाद में साल 1930 में इन ट्रांसमीटरों को सरकार ने अपने नियंत्रण में लिया और इसे “भारतीय प्रसारण सेवा” के नाम से परिचालित किया गया। 1935 तक इसे “भारतीय प्रसारण सेवा” के नाम से जाना जाता था। फिर साल 1936 में इसका नाम “ऑल इंडिया रेडियो” रखा गया। जिसके बाद साल 1956 में इसे “आकाशवाणी” के नाम से जाना जाने लगा। रेडियो एक ऐसा माध्यम है जो आपको चलते-फिरते ही देश-दुनियाभर की खबरों से जोड़े रखता है।
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आजाद भारत में मिली थी पहली महिला न्यूज़रीडर
आपको बताते चलें, ऑल इंडिया दुनियाभर में अपनी पहचान बना चुका है तो वहीं पर आजाद भारत में पहली बार रेडियो की पहली न्यूजरीडर सईदा बानो अगस्त 1947 में हायर की गई। उन्हें भारतीय रेडियो के उर्दू में समाचार पठनी के रूप में भारत की पहली पेशेवर महिला न्यूज़रीडर के रूप में चयन किया गया था। उन्होंने रेडियो पर अपने पेशावर में रहते समय से पठनी का कार्य शुरू किया था और उर्दू भाषा में समाचार के लिए अपनी आवाज का इस्तेमाल किया।
मन की बात रेडियो कार्यक्रम ने बनाई पहचान
यहां पर डिजिटल भारत में अचानक से रेडियो की पहचान खोने लगी थी लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए रेडियो को भारतीय समाज में फिर से जगह दिलाई। मन की बात एक ऐसा कार्यक्रम है जो पीएम मोदी के मन की बात और विचारों को लोगों तक पहुंचाना। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें राष्ट्र के समाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अन्य विषयों पर अपने विचार रखने का मौका मिलता है।
