कौन सा फूल किस देवी चढ़ाएं, और कौन से पुष्प किस भगवान को करें अर्पित, जानें और उनके आशीष के लिए वही चढ़ाएं
- Written By: नवभारत डेस्क
सीमा कुमारी
नई दिल्ली: इन फूलों को चढ़ाने से भक्तों पर खुश होते हैं देवी-देवता, मिलता है मनचाहा आशीर्वाद, भर देते हैं पैसों से झोली। सनातन धर्म में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए पूजा-अर्चना की जाती हैं। कहा जाता है कि अच्छा भाग्य तभी मिलता है, जब देवी-देवता आप पर प्रसन्न होते हैं। कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी उनके घरों में पैसों की तंगी होती है। बात-बात पर लोगों में झगड़े होते हैं। घर में एक अलग तरह का नकारात्मक माहौल नजर आता है।
ऐसा माना जाता है कि पैसा कमाने के लिए सिर्फ मेहनत ही नहीं किस्मत भी अच्छी होनी चाहिए। सभी देवी-देवताओं को अलग-अलग रंग के फूल प्रिय होते हैं। अगर आप उन्हें उनके पसंदीदा फूल चढ़ाते हैं तो उनकी कृपा हमेशा आपके परिवार पर बनी रह सकती है। आइए जानें इस बारे में-
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ज्योतिष -शास्त्र के अनुसार, भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता कहा जाता है। भगवान गणेश यदि प्रसन्न हों तो अपने भक्तों के सभी दुख और कष्ट हर लेते है। भगवान गणेश को पूजा में लाल रंग का गुड़हल का फूल अर्पित करना शुभ होता है। यह फूल भगवान गणेश का प्रिय पुष्प माना जाता है। इसके अलावा, भगवान गणेश की पूजा में गुड़हल, चांदनी, चमेली और पारिजात के फूल भी अर्पित किए जा सकते है।
भगवान हनुमान को संकटमोचक माना जाता है। अगर आप भी संकटमोचन के भक्त हैं तो उनकी पूजा के दौरान उन्हें गेंदा, कमल या गुडहल के फूल अर्पित कर सकते हैं। इन फूलों को हनुमान जी पर चढ़ाने से उनकी कृपा भक्तों पर बनी रहती है।
माता दुर्गा को पृथ्वी पर शक्ति की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। ब्रह्मांड में जितनी भी शक्ति है, वह सब माता दुर्गा के कारण ही है, इसलिए माता दुर्गा की पूजा में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। माता दुर्गा की पूजा करते समय लाल गुलाब और गुड़हल का फूल अर्पित करने से वे प्रसन्न होती हैं। इसके अलावा, मां दुर्गा को अपराजिता का फूल, चंपा, सफेद कमल और कुंद के फूल भी अर्पित किए जा सकते हैं।
माता लक्ष्मी की कृपा जिस घर पर रहती है, उस घर से कंगाली कोसों दूर रहती है। माता लक्ष्मी को कमल का फूल बहुत प्रिय है। ऐसा कहा जाता है कि आप अपनी सुविधा के अनुसार मां को कोई भी फूल अर्पित कर सकते हैं। बस ध्यान इस बात का रहे कि वे फूल बासी या सूखे न हों।
भगवान विष्णु को पृथ्वी पर पालनहार कहा जाता हैं। भगवान विष्णु के सैकड़ों नाम हैं। श्री हरि विष्णु की पूजा करते समय उन्हें उनके प्रिय पुष्प अर्पित करने से वे प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं। भगवान विष्णु को पूजा में जूही, अशोक, चंपा, केतकी, वैजयंती के फूल अर्पित करने चाहिए। मान्यता है कि इन फूलों को भगवान विष्णु को अर्पित करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं।
माना जाता है कि भगवान शिव अपने भक्तों से जल्दी ही प्रसन्न हो जाया करते हैं, इसलिए उन्हें भोलेनाथ कहा जाता हैं। भगवान शिव की पूजा में धतूरे का फूल, धतूरा, नागकेसर, हरसिंगार और सफेद रंग के पुष्प अर्पित करना शुभ होता हैं। माना जाता है ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन की वैवाहिक समस्याएं खत्म होती हैं।
