क्या आप जानते है भगवान शिव के त्रिपुंड की रेखाओं का अर्थ, जानिए तरीका और इसे लगाने के लाभ
आप भगवान शिव की पूजा के दौरान लगाए जाने वाले तिलक त्रिपुंड (Shivling Tripund) के बारे में जानते है इसे चंदन या फिर भस्म से लगाया जाता है।
- Written By: दीपिका पाल
शिवलिंग पर त्रिपुंड बनाने का क्या है मतलब (Social Media)
नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: हिंदू धर्म (Hindu Religion) में पूजा-पाठ विधि विधान से करने का महत्व होता है जहां पर पूजा के दौरान तिलक लगाने को शुभ माना जाता है तो वहीं पर हर कोई भगवान की पूजा के समय लगाते है। क्या आप भगवान शिव की पूजा के दौरान लगाए जाने वाले तिलक त्रिपुंड (Shivling Tripund) के बारे में जानते है इसे चंदन या फिर भस्म से लगाया जाता है। माथे पर बनी तीन रेखाओं को तिलक या त्रिपुंड कहते है।इसके बारे में कई बातें है जिन्हें जानना आपको जरूरी है।
जानिए शिवलिंग त्रिपुंड का अर्थ
इसे लेकर वैदिक ज्योतिष की मानें तो, त्रिपुंड में कुल 27 देवी-देवताओं का वास होता है. त्रिपुंड की प्रत्येक रेखा में 9 देवताओं का वास होता है. त्रिपुंड की पहली रेखा में महादेव, पृथ्वी, ऋग्वेद, धर्म, गार्हपत्य, रजोगुण, आकार, प्रातः कालीन हवन और क्रियाशक्ति देव होते हैं. वहीं दूसरी रेखा में इच्छाशक्ति, अंतरात्मा, दक्षिणाग्नि, सत्वगुण, महेश्वर, ऊंकार, आकाश और मध्याह्न हवन देवता विराजमान होते हैं और तीसरी रेखा में शिव, आहवनीय अग्नि, सामवेद, ज्ञानशक्ति, तृतीय हवन स्वर्ग लोक, तमोगुण और परमात्मा का वास होता हैं। यह तिलक बड़ा ही शुभ माना जाता है।
शिवलिंग त्रिपुंड बनाने के नियम (Social Media)
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शिवलिंग पर कैसे लगाएं त्रिपुंड
यहां पर शिवलिंग पर त्रिपुंड लगाने की विधि शिवपुराण में कही गई है जहां पर पूजा के दौरान शिवलिंग यानी भगवान शिव को त्रिपुंड विशेष रुप से चंदन, लाल चंदन या अष्टगंध से लगाना जरूरी होता है। इसे लगाते समय ख्याल रहें त्रिपुंड लगाने के लिए सबसे पहले दाएं हाथ की बीच की उंगली मध्यमा यानी अनामिका से ऊपर की दो रेखाएं बनाएं इसके बाद आप तर्जनी उंगली से रेखा बना दें। वहीं पर इस दौरान ध्यान देने की जरूरत होती है कि, बाएं नेत्र से दाएं नेत्र की ओर लगाएं।
जानिए त्रिपुंड यानि तिलक लगाने के शुभ लाभ
यहां पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर आप भगवान शिव के त्रिपुंड को अपने माथे पर लगाते है तो आपको इसमें 27 देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।
1- इतना ही नहीं इसे लगाने से मन में बुरे विचार उत्पन्न नहीं होते है इससे आपका मन प्रफुल्लित होता है।
2-माथे पर त्रिपुंड लगाने से जाने-अनजाने में किए उसके पापों से छुटकारा मिलता है।
3-त्रिपुंड लगाने से बुरी शक्तियों का अधिक प्रभाव नहीं होता है बल्कि शरीर के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
