आज 76वां राष्ट्रीय कैडेट कोर दिवस, जानिए NCC के इतिहास और इसके खास सर्टिफिकेट के बारे में

हर साल इस दिन को एनसीसी के जाबांजों को प्रोत्साहित करने और इनके साहस को सराहने के लिए दिवस मनाया जाता है। स्कूल और कॉलेज में एनसीसी की शाखा होती है जो पुलिस की तरह ही परेड से लेकर सेना के सारे हुनर जानती है।
एनसीसी दिवस, सैन्य बल
एनसीसी दिवस 2024 (सौ.सोशल मीडिया)
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76th NCC Day 2024: आज देशभर में राष्ट्रीय कैडेट कोर दिवस मनाया जा रहा है यह सेना के कैडेट कोर का एक खास हिस्सा होता है इसमें राष्ट्रीय स्तर पर सैन्य टुकड़ी काम करती है। हर साल इस दिन को एनसीसी के जाबांजों को प्रोत्साहित करने और इनके साहस को सराहने के लिए दिवस मनाया जाता है। स्कूल और कॉलेज में एनसीसी की शाखा होती है जो पुलिस की तरह ही परेड से लेकर सेना के सारे हुनर जानती है। जानिए कैसे इस दिवस की शुरुआत हुई और इसका इतिहास क्या कहता है चलिए जानते हैं इस खबर में।

जानिए NCC का इतिहास

यहां पर एनसीसी का इतिहास काफी पुराना है 1917 में यूनिवर्सिटी कोर की स्थापना जब की गई थी उस दौरान पहला बैच इसका 3 नवंबर को कलकत्ता विश्वविद्यालय के अंतर्गत आया। साल 1920 में भारतीय प्रादेशिक अधिनियम (indian religion act) पारित हो जाने से U.C. की जगह यूनिवर्सिटी ट्रेनिंग कोर (U.T.C.) ने ली। बताया जाता है कि, इतिहास में सन् 1942 में यूटीसी का नाम बदलकर यूनिवर्सि़टी ऑफिसर ट्रेनिंग कोर किया गया था। बताया जाता है कि, ब्रिटिश राज के दौरान अधिकारियों ने भारतीय छात्रों को सैन्य प्रशिक्षण देने का फैसला किया था जिसके चलते छात्रों के लिए एनसीसी की शुरुआत की गई।

भारत में कब रुप में आया एनसीसी

इसे लेकर लगातार हो रहे संशोधन के बीच एनसीसी की शुरुआत का वर्ष 16 जुलाई 1948 माना जाता है। ब्रिटिश राज ने जहां पर भारतीय छात्रों को सैन्य ज्ञान देने का प्लान बनाया था वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ ऑफिसर्स ट्रेनिंग कोर के सैन्य बल कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई इसके लिए ट्रेनिंग को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। इसमें अच्छे प्रयास के लिए समिति बनाई गई जिसके अध्यक्ष पंडित एचएन कुंजरु थे. इस कमेटी की तरफ से ही स्‍कूल और कॉलेज के स्‍तर पर एक कैडेट संगठन की स्‍थापना की सलाह दी गई थी। 15 जुलाई 1948 में ही नेशनल कैडेट कोर एक्ट की स्थापना की गई।

एनसीसी में कौन ले सकता है हिस्सा

यहां पर एनसीसी की यह शाखा देश के ऐसे युवा को शामिल करती है जो देश के लिए समर्पित है। इस दौरान यह युवाओं को ट्रेनिंग देती है और साथ में कुछ भत्ते को भी शामिल करती है। अधिकारियों को इसमें कितनी सैलरी दी जाएगी इसका निर्धारण अलग-अलग राज्य में सरकारें करती है। यहां पर एकेडमी में शामिल युवाओं को तीनों सेनाओं के अधिकारी ट्रेनिंग देते है। देश में आई किसी भी युद्ध या फिर कोई बड़ी घटना के दौरान एनसीसी भी काम करती है। स्कूलों में शर्ते होती है तो वहीं नेपाल में युवाओं के अलावा किसी को भी शामिल होने की छूट है।

इस एनसीसी में शामिल होने के लिए छात्रों को मानसिक और शारीरुक रूप से फिट होना होगा. 12 साल से 26 साल के छात्र एनसीसी को ज्वॉएन कर सकते हैं. एनसीसी सर्टिफिकेट के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं. ये परीक्षाएं हर साल फरवरी-मार्च में आयोजित की जाती हैं. किसी भी कैडेट को 'c' सर्टिफिकेट तभी दिया जाता है, जब उसे परीक्षा में 50 या 50 से अधिक अंक मिलते हैं।

जानिए इसके खास सर्टिफिकेट के बारे में

यहां पर एनसीसी में भाग लेने वाले छात्रों को खास सर्टिफिकेट पास होना जरूरी है। NCC लड़के और लड़कियों दोनों के ही लिए है. इसमें 4 तरह की डिविजन हैं जिसमें से 2 डिविजन लड़कियों के लिए और 2 डिविजन लड़कों के लिए होते है। लड़कों की डिविजन को जूनियर डिविजन (Junior Division) और सीनियर डीविजन (Senior Division) कहते हैं और लड़कियों की डिविजन को जूनियर विंग (Junior Wing) और सीनियर विंग (Senior Wing) कहा जाता है।

NCC A Certificate

ये सर्टिफिकेट जूनियर डिविजन के उन कैडेट्स को दिया जाता है जो 2 साल की ट्रेनिंग को पूरा कर चुके होते हैं.

NCC B Certificate

ये सर्टिफिकेट सीनियर डिविजन के छात्रों को मिलता है. ये भी दो साल की ट्रेनिंग पूरी कर चुके होते हैं.

NCC C Certificate

ये सर्टिफिकेट सीनियर डिविजन के उन छात्रों को मिलता है जिन्‍होंने 3 साल की ट्रेनिंग पूरी कर ली होती है. कम से कम 75℅ उपस्थिति और 2 वार्षिक या समकक्ष कैंपो में भाग लिया हो. एनसीसी B और C सर्टिफिकेट के लिए यह जरूरी नहीं है कि आपके पास NCC A सर्टिफिकेट भी हो. इस सर्टिफिकेट के जरिए एसएसबी इंटरव्यू में आपके चयन बिना लिखित परीक्षा के ही हो जाता है. साथ ही अभ्यर्थी के ग्रेजुएशन में 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए.

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