जानिए ‘रामनवमी’ का इतिहास, क्यों मनाया जाता है यह महापर्व
- Written By: नवभारत डेस्क
सीमा कुमारी
नई दिल्ली: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को समर्पित ‘रामनवमी’ (Ramnavmi) का महापर्व इस वर्ष 30 मार्च, गुरुवार के दिन है।’रामनवमी’ का पावन त्योहार हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। हिन्दू धर्म में ये पावन तिथि बेहद शुभ और महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इस दिन भगवान श्री राम का जन्म हुआ था।
शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्री राम ने राजा दशरथ के राज्य अयोध्या में सूर्यवंशी इक्ष्वाकु वंश में जन्म लिया था। भगवान श्री राम को जन्म देने वाली मां कौशल्या थीं। ये भी कहा जाता है कि भगवान श्री राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं। यह तिथि सिर्फ राम नवमी के लिए नहीं बल्कि चैत्र नवरात्रि की नवमी के तौर पर भी मनाई जाती है। यह दिन माँ सिद्धिदात्री को अर्पित है। हिन्दू भक्तों के लिए ये भी जानना जरूरी है कि रामनवमी का शुभ दिन क्यों मनाया जाता है। आइए जानें इस बारे में-
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क्यों मनाई जाती है ‘रामनवमी’
रामनवमी का त्यौहार हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखता है। राम नवमी के दिन ही मां दुर्गा के नवरात्रों का समापन भी होता है। हिंदू धर्म में रामनवमी के दिन भगवान राम की पूजा अर्चना की जाती है और रैलियां निकाली जाती हैं। कुछ लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं। रामनवमी का त्यौहार हिंदू धर्म में बहुत पहले से मनाया जा रहा है ऐसा माना जाता है कि रामनवमी का त्यौहार भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है।
रामनवमी का इतिहास
महाकाव्य रामायण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ की तीन पत्नियां थी लेकिन इसके बाद भी उन्हें बहुत लंबे समय तक कोई संतान नहीं हो पाई थी। इस कारण से राजा दशरथ बहुत परेशान रहा करते थे। संतान प्राप्ति के लिए राजा दशरथ ने ऋषि वशिष्ठ से पुत्र की इच्छा जताई और पुत्रकामेष्टि यज्ञ करने का विचार किया। इसके पश्चात राजा दशरथ पुत्रकामेष्टि यज्ञ किया। ठीक इसके 9 महीने बाद राजा दशरथ की सबसे बड़ी रानी कौशल्या ने भगवान राम को जन्म दिया।
जो कि भगवान विष्णु के सातवें अवतार थे। केकई ने भरत को और सुमित्रा ने जुड़वा बच्चे लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया। भगवान राम का जन्म धरती पर दुष्ट प्राणियों का संघार करने के लिए हुआ था और रामायण के अनुसार भगवान राम ने रावण को मार कर उसके पापों से उसे मुक्ति दिलाई थी। तो यह कहा जा सकता है कि रामनवमी के दिन भगवान विष्णु के 7वे अवतार भगवान राम का जन्म हुआ था इसलिए रामनवमी का त्यौहार मनाया जाता है।
