Karwa Chauth Moonrise Time: 29 अक्टूबर को दिल्ली, मुंबई, इंदौर समेत इन शहरों में कब निकलेगा चांद?

Karwa Chauth Chand Time: करवा चौथ 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। जानें दिल्ली, मुंबई, इंदौर, भोपाल, जयपुर समेत प्रमुख शहरों में चांद निकलने का अनुमानित समय और व्रत खोलने से जुड़ी जरूरी बातें।
karwa chauth 2026 chand nikalne ka samay rrs05
करवा चौथ चांदफोटो.सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को रखा जाएगा।

  • दिल्ली, मुंबई, इंदौर समेत प्रमुख शहरों का चंद्रोदय का समय जानें।

  • स्थानीय पंचांग के अनुसार चांद देखकर ही व्रत खोलें।

Karwa Chauth Chand Time 2026: करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए चांद निकलने का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। शाम को पूजा करने के बाद चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं और अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।

इस साल करवा चौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। हालांकि, देश के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय अलग होता है। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए अपने शहर का समय जानना जरूरी है।

करवा चौथ 2026: कब निकलेगा चांद?

करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय स्थानीय समय और पंचांग की गणना के अनुसार बदलता है। प्रमुख शहरों में चांद निकलने का अनुमानित समय नीचे दिया गया है। सभी समय भारतीय मानक समय के अनुसार हैं।

विभिन्न शहरों में चांद निकलने का समय

दिल्ली: रात 8:17 बजे

नोएडा: रात 8:16 बजे

चंडीगढ़: रात 8:12 बजे

जयपुर: रात 8:28 बजे

लखनऊ: रात 8:06 बजे

भोपाल: रात 8:31 बजे

इंदौर: रात 8:34 बजे

मुंबई: रात 9:00 बजे

अहमदाबाद: रात 8:52 बजे

पुणे: रात 8:58 बजे

कोलकाता: रात 7:47 बजे

पटना: रात 7:52 बजे

वाराणसी: रात 8:02 बजे

हैदराबाद: रात 8:41 बजे

बेंगलुरु: रात 8:55 बजे

चेन्नई: रात 8:44 बजे

नागपुर: रात 8:29 बजे

रायपुर: रात 8:18 बजे

karwa chauth 2026 chand nikalne ka samay rrs05
Karwa Chauth 2026: 28 या 29 अक्टूबर, करवा चौथ कब है? जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त और चांद दिखने का समय

करवा चौथ पर चांद देखने से पहले क्या करें?

करवा चौथ की शाम महिलाएं परंपरा के अनुसार पूजा की थाली तैयार करती हैं। इसमें करवा, दीपक, छलनी, मिठाई और अर्घ्य देने के लिए जल रखा जाता है। चांद निकलने के बाद उसकी पूजा की जाती है और फिर छलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति को देखने के बाद व्रत खोला जाता है। बादल, धुंध या आसपास की ऊंची इमारतों के कारण चांद दिखाई देने में देर हो सकती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com