आज 10 मई को है 'रोहिणी व्रत', जानिए इस व्रत का महात्म्य और पूजा विधि

अपने पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं हर साल 'रोहिणी व्रत' करती है।
Fasting Rohini brings happiness to the whole family along with the long life of the husband.
रोहिणी व्रत (फाइल फोटो)
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सीमा कुमारी

नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: जैन समुदाय के लिए 'रोहिणी व्रत' (Rohini Vrat 2024) का विशेष महत्व होता है। रोहिणी व्रत आज 10 मई 2024, शुक्रवार को हैं । ऐसी मान्यता है कि यह व्रत महिलाओं द्वारा अपने पति की लम्बी उम्र के लिए किया जाता है। यह व्रत रखने से मां रोहिणी जातक के घर से कंगाली को दूर भगाकर सुख एवं समृद्धि की वर्षा करती है।

व्रत की पूजा के दौरान जातक मां से यह प्रार्थना करता है उसके द्वारा की गई सभी गलतियों को वे माफ करें और उसके जीवन में बने सभी कष्टों का हरण करें। इस व्रत के दौरान पूरे दिन भूखा रहना होता है। आइए जानें रोहिणी व्रत की पूजा-विधि और इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें।

ऐसे करें रोहिणी व्रत पूजा

रोहिणी व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। आप चाहें, तो पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं। अब आचमन कर व्रत संकल्प लें और सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इसके बाद पूजा स्थल की अच्छे से साफ-सफाई कर लें और इसके बाद भगवान वासुपूज्य की मूर्ति के साथ वेदी स्थापित करें। पूजा के दौरान भगवान को फल, फूल, गंध, दूर्वा आदि चढ़ाएं। इसके बाद शाम के समय सूर्यास्त से पहले पूजा-पाठ करने के बाद फलाहार करें। इस व्रत में रात्रि में भोजन नहीं किया जाता, इसलिए अगले दिन पूजा-पाठ संपन्न कर व्रत खोलें।

महत्व

जैन समुदाय के लिए रोहिणी व्रत (Rohini Vrat 2024) का विशेष महत्व होता है। जैन मान्यता है कि रोहिणी व्रत विशेष फल देता है और साथ ही कर्म-बंधन से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है। ऐसा कहा जाता है कि माता रोहिणी के आशीर्वाद से व्यक्ति के जीवन से सभी दुख और दरिद्रता दूर हो जाती है। हर व्रत की तरह रोहिणी व्रत का भी अपना एक अलग महत्व है। इस व्रत को करने से महिलाओं के पति की उम्र लंबी होती है और उनके बेहतर स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा इस दिन पूजा को करने से धन-धान्य, और सुख भी प्राप्त होता है।

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