20 से 50 साल के पुरुष-महिला को शिकार बना रहा है ये सिफलिस वायरस, पहचानिए इसके लक्षण

राजधानी टोक्यो में इस सिफलिस वायरस के लगातार 2500 से ज्यादा मामले सामने आ रहे है। इस बीमारी का नाता यानि फैलने का कारण भी मंकी पॉक्स की तरह है जो नुकसान पहुंचाने का काम करते है। इस वायरस की वजह से नवजात शिशु को भी खतरा होता है।
सिफलिस वायरस, जापान
सिफलिस वायरस का कहर (सौ.सोशल मीडिया)
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दुनियाभर में मंकीपॉक्स महामारी की लहर जहां पर खतरनाक होते जा रही है वहीं पर अब जापान में एक वायरस ने दस्तक दे दिया है जिसके अनुसार राजधानी टोक्यो में इस वायरस के लगातार 2500 से ज्यादा मामले सामने आ रहे है। इस बीमारी का नाता यानि फैलने का कारण भी मंकी पॉक्स की तरह है तो इस वायरस को सिफलिस वायरस का नाम दिया गया है।

चीन, जापान में फैली बीमारियों का खतरा पूरी दुनिया में फैलता है जिसका बचाव करना जरूरी है चलिए अच्छी तरह से जानते है इस सिफलिस वायरस के बारे में।

जानिए क्या होता है सिफलिस वायरस

इस सिफलिस वायरस की बात की जाए तो, इसमें सिफलिस ट्रेपोनेमा पैलिडम नामक बैक्टीरिया यौन संपर्क के जरिए एक से दूसरे इंसान में फैलता है। इसके अंतर्गत इस वायरस के फैलाव में कई चरण होते हैं प्राइमरी सिफलिस में संक्रमित व्यक्ति के शरीर के निजी अंग,मुंह, जीभ या बगल में घाव या दाना होता है जिसमें दर्द नहीं होता है। इस बीमारी का प्रसार सबसे ज्यादा 20 से 50 साल के पुरुषों के साथ साथ 20 से 30 साल की औरतों को संक्रमित कर रहा है। इस बीमारी के फैलने की शुरुआत में त्वचा पर दानें नजर आते है तो वहीं पर लिम्फ नोड्स में सूजन आती है, बुखार के साथ कमजोरी आती है.इसके साथ साथ व्यक्ति के बाल गिरने शुरू हो जाते हैं. गंभीर मामलों में इसका दिल, दिमाग और रक्त कोशिकाओं पर बुरा असर पड़ता है।

क्या होते है बीमारी के वास्तविक लक्षण

इस खतरनाक बीमारी के वास्तविक लक्षण की बात की जाए तो, अलग होते है इसके अनुसार इसमें कई प्रकार के लक्षण नजर आते है जो इस प्रकार है।

इस बीमारी में बुखार, त्वचा पर रैशेज, वजन घटना, बाल गिरना, गले में खराश, थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिर में दर्द, लिम्फ नोड्स में सूजन आदि तो सामान्य लक्षण होते है। लेकिन अगर कोई गर्भवती महिला सिफलिस से संक्रमित है तो उसके होने वाले बच्चे को भी ये वायरस होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चे का समय से पहले जन्म, जन्म लेते समय मौत, जन्म के समय वजन कम होने की संभावनाएं पैदा होती है।

आखिरी चरण में घातक होता है वायरस

आपको बताते चलें कि, यह सिफलिस वायरस वैसे तो कभी अपने सामान्य लक्षणों में रहता है लेकिन यह  लंबे समय में विकसित होने वाला वायरस है जो अपने आखिरी चरण में घातक साबित होता है. अगर समय रहते इसके शुरुआती लक्षणों को पहचान कर इलाज करवाया जाए तो व्यक्ति ठीक हो सकता है।

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