जल्दी निदान से कैंसर का इलाज संभव है: डॉ चांदनी होतवानी

Dr Chandni Hotwani Cancer Diagnosis
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एक बार कैंसर का निदान होते ही उन कोशिकाओं को नष्ट करना महत्वपूर्ण हो जाता है, जो तेजी से बढ़ती हैं और शरीर के अन्य भागों में फैल जाती है। रेडिएशन ऑन्कोलॉजी या रेडियोथेरेपी एक चिकित्सा विशेषता है जो इन कैंसर कोशिकाओं और ट्यूमर को उच्च-ऊर्जा किरणों के जरिये नष्ट करती है। विभिन्न प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए रेडिएशन थेरेपी अकेले या सर्जरी या कीमोथेरेपी के संयोजन में दी जाती है। ऐलेक्सिस हॉस्पिटल (Alexis Hospital) की रेडीएशन ऑन्कोलॉजीस्ट डॉ चांदनी होतवानी (Dr Chandni Hotwani) ने बताया कि 60 से 70 प्रतिशत सॉलिड ट्यूमर वाले कैंसर पेशंट को रेडिएशन की आवश्कता होती है। 

क्या  है रेडिएशन थेरेपी?

रेडिएशन थेरेपी कैंसर के उपचार में एक सामान्य रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला तरीका है जिसमें DNA को नुकसान पहुंचाकर कैंसर कोशिकाओंको मार दिया जाता है। अधिक  प्रभावी  परिणामों  के लिए सर्जरी या कीमोथेरेपी करने से पहले या बाद में डॉक्टर द्वारा घातक कोशिकाओं को मारने या ट्यूमर को सिकोड़ने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। कैंसर के प्रकार और अवस्था के आधार पर डॉक्टर कौनसा और किस प्रकार का रेडिएशन देना है यह तय करते है। कैंसर कई प्रकार के होते है जैसे स्तन कैंसर, कोलन और रेक्टल कैंसर, स्त्री रोग संबंधी कैंसर, सिर और गर्दन का कैंसर, फेफड़ों के कैंसर, अग्नाशय का कैंसर, आंत का  कैंसर  आदि। 

रेडिएशन  थेरेपी  कितने  प्रकार  की होती है?

मुख्यतः यह थेरेपी दो प्रकार की होती है – बाहर से दी जाने वाली थेरेपी (teletherapy or exte-rnal beam therapy) और अंदर से दी जाने वाली थेरेपी (brachytherapy)। आजकल लीनियर एक्सेलरेटर नामक मशीन से रेडिएशन के द्वारा सिर्फ उस ही अंग को अंदर तक प्रभावित किया जाता है ताकि नुकसानदायक कोशिकाए खत्म हो सकें और अच्छे सेल्स नष्ट ना हो। Brachytherapy में रोगी के शरीर में उस भाग तक एक नली या इम्प्लान्ट के जरीयें रेडिएशन स्रोत को पहुँचाया जाता है जो भाग गंभीर बीमारी से प्रभावित हुआ हो। इसमें रेडिएशन स्रोत को सुइयों, तारों या कैथेटर द्वारा स्थायी तरिके से सीधे ट्यूमर में या उसके पास पहुंचाया जाता है। एलेक्सिस में यह दोनों भी सुविधा उपलब्ध है जिसके जरिये हमने आज तक हजारो लोगो को ठीक किया है। 

रेडिएशन थेरेपी  कैसे की जाती है?

रेडिएशन थेरपी में आजकल आधुनिक तकनीकियों का अधिक इस्तेमाल किया जाता हैं जो सिर्फ प्रभावित अंग के क्षेत्र पर ही फोकस करता है और अन्य हिस्सों को आधुनिक तकनीक से नुकसान से बचाया जा सकता है। यह थैरेपी २-7 हफ़्तों तक चल सकती है। इस तकनीक से मरीज के इलाज में कम समय लगता है और यह दर्द रहित होता है। ऐलेक्सिस में सभी तरह के कैंसर पेशंट के लिए अत्याधूनिक थेरेपी उपलब्ध है। 

कैंसर से कैसे बचा जा सकता है?

कैंसर का जल्द निदान ही सबसे महत्त्वपूर्ण है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और पुरूषों में ओरल कैंसर की सम्भावना ज्यादा होती है।  महिलाओं को 45 वर्ष के आयु के बाद ब्रेस्ट कैंसर के लिए हर साल में एक बार स्क्रिनिंग मेमोग्राफी और गर्भाशय के मुख के कैंसर (cervical cancer) के लिए हर 3 साल में एक बार Pap Smear ज़रूर करवाना चाइये।  पुरूषों को प्रोस्टेट कैंसर के लिए PSA टेस्ट करना चाइये।  जल्दी निदान से कैंसर का इलाज संभव है। 11 वर्षों का इस क्षेत्र में अनुभव रखने वाली डॉ होतवानी ने बताया कि किसी भी तरह के स्वास्थ्य तक्लीफ पर अपनी धारना बनाने से पहले डॉक्टरों की सलाह जरूर ले।  कैंसर का इलाज संभव है, अगर बिमारी का निदान जल्दी हो जाए तो इलाज भी तुरंत हो जाता है।  ऐलेक्सिस में कैंसर के इलाज की सारी अत्याधूनिक सुविधाएं एवं चिकित्सक  एक  ही  छत  के  निचे  मौजूद  है। 

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