

सीमा कुमारी
नवभारत डिजिटल टीम: आदिशक्ति मां दुर्गा को समर्पित नवरात्रि की धूम इन दिनों हर जगह देखने को मिल रही है। वही, 22 अक्टूबर को नवरात्रि की 'महाअष्टमी'(Durga Ashtami 2023) मनाई जाएगी। इस बार महाष्टमी कई मायनों में बेहद ख़ास है। क्योंकि, इस दिन दो शुभ योग बन रहा है। 22 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी के दिन दो शुभ योग रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है।
ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन सुबह 06:26 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग है, जो शाम 06:44 बजे तक है। इस योग में किए गए कार्य सफल सिद्ध होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। दुर्गा अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा करते है। वे मां दुर्गा का आठवां अवतार हैं, जिनको आठवीं नवदुर्गा भी कहते है। इस दिन जो महागौरी को प्रसन्न करता है, उसे सुख और समृद्धि के साथ आयु में वृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। ऐसे में आइए जानें काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से दुर्गा अष्टमी पर कौन से 4 काम करने से जातक को संतान, धन, सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है। तरक्की के द्वार भी खुलते है।
ज्योतिषियों के अनुसार, शारदीय नवरात्र की अष्टमी तिथि मां महागौरी की पूजा के लिए समर्पित है। ऐसे में माता को लाल रंग की चुनरी में एक सिक्का और बताशा रखकर अर्पित करें। ऐसा करने से साधक को माता रानी की विशेष कृपा मिलती है और घर परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
जो लोग नवरात्रि में 9 दिन का व्रत नहीं रखते हैं, वे पहले दिन और दुर्गा अष्टमी को व्रत रखते है। दुर्गा अष्टमी का व्रत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल 22 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी का व्रत रखें और मां दुर्गा के 8वें स्वरूप मां महागौरी की पूजा विधि विधान से करें। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने जब कठोर तप से भगवान शिव को प्रसन्न कर दिया तो भोलेनाथ ने उनको महागौर वर्ण प्रदान किया क्योंकि हजारों साल के कठोर तप से उनका शरीर काला और दुर्बल हो गया था। माता पार्वती के महागौर वर्ण वाले स्वरूप को महागौरी के नाम से जानते हैं।
दुर्गा अष्टमी के दिन आपको अपने घर पर नवरात्रि का हवन करना चाहिए। हवन के माध्यम से आपका घर शुद्ध होता है और नकारात्मकता दूर होती है। इसके साथ ही आप नवदुर्गा, नवग्रह और अन्य देवी-देवताओं को हवन का अंश देकर खुश करते हैं। इससे ग्रह दोष शांत होंगे और दैवीय कृपा भी प्राप्त होगी।
महाष्टमी की पूजा के दौरान मां दुर्गा की विधि-विधान के साथ पूजा करें, साथ ही उन्हें लौंग और लाल फूल अर्पित करें। ऐसा करने से माता रानी प्रसन्न होती हैं जिससे आपके जीवन में आ रही सभी समस्याओं का निवारण होता है।