यहां पर प्रसिद्ध हैं डोलचे संग रंग-गुलाल खेलने का रिवाज, जानिए रंगपंचमी की इस सदियों पुरानी परंपरा के बारे में

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में डोलचा होली फेमस है। इस परंपरा का नाता सदियों पुराना है जिसे राजा-महाराजा निभाते थे। अनोखी परंपरा में जहां पर डोलची का इस्तेमाल किया जाता है।
नरसिंहपुर में प्रसिद्ध है डोलचा मार होली
डोलचा मार होली (सौ.सोशल मीडिया)
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Dolcha Maar Holi: आने वाले दिन यानि 18 मार्च को रंगपचंमी मनाई जाएगी। धुलेंडी के पांचवे दिन रंगोत्सव का त्योहार बड़ा खास होता है इसका सबसे खास नजारा मध्यप्रदेश में देखने के लिए मिलता है। रंगपंचमी को लेकर कई मान्यताएं फेमस है तो वहीं पर मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में डोलचा होली फेमस है। इस परंपरा का नाता सदियों पुराना है जिसे राजा-महाराजा निभाते थे। अनोखी परंपरा में जहां पर डोलची का इस्तेमाल किया जाता है वहीं पर किसी प्रकार की कोई घटना नहीं घट जाए इसके लिए पुलिस बल तैनात रहता है। चलिए जानते हैं इसकी परंपरा के बारे में।

क्या होता है डोलचा और यह परंपरा

नरसिंहगढ़ की इस अनोखी होली परंपरा की बात की जाए तो, इसकी तैयारी एक दिन पहले से ही की जाती है। जहां पर लोहे की चादर से आधा लीटर से लेकर दो लीटर तक के डोलचा बनवाते हैं। फिर रंग पंचमी के दिन इन डोलचों में पानी भरकर सड़कों पर निकल पड़ते हैं और एक-दूसरे पर पानी डालकर रंग खेलते हैं। यह एक अनोखा और रोमांचक दृश्य होता है। इस सदियों पुरानी परंपरा को बड़े ही खास ढंग से लोग निभाते है। कहते है कि, इस अनोखी परंपरा के पीछे का इतिहास राजा-महाराजाओं के जमाने का है यहां पर रंग पंचमी पर डोलचा मार रंग खेलने का रिवाज था। नरसिंहगढ़ के लोगों ने इस परंपरा को आज तक जीवित रखा है और इसे बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं। लाइफस्टाइल की खबरें जानने के लिए क्लिक करें

जरूरी होती है पुलिस बल की तैनाती

रंगपंचमी पर होने वाली इस अनोखी परंपरा में अप्रिय घटना के घटने की आशंका रहती है इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की जाती है।किसी भी तरह की अप्रिय घटना या विवाद से बचने के लिए पुलिस प्रशासन भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करता है। इससे लोगों को सुरक्षित माहौल में होली खेलने का मौका मिलता है। रंगपचंमी पर वैसे तो कई परंपरा अनोखी है लेकिन यह सबसे खास है।

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