देश का अनोखा मंदिर जहां भगवान शिव को चढ़ाया जाता है 'जिंदा केकड़ा', जानें क्या है मान्यता

Rundhanath-Shiva-Temple
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नई दिल्ली: भारत विविधताओं से भरा है, यहां धार्मिक स्थलों की कोई कमी नहीं है। धर्म से जुड़े और आस्था रखने वाले ऐसे हजारों स्थल यहां मौजूद है। हर मंदिर की अपनी कुछ अलग मान्यताएं होती है। लेकिन क्या आपने कभी ये सुना है कि भगवान शिव (Lord Shiva) को फूल की बजाय जिंदा केकड़े (Live Crab) चढ़ाए जाते है। जी नहीं ना? लेकिन आज हम आपको देश के इसी मंदिर के बारे में बताने जा रहे जिसके बारे में शायद आपने अब तक ना सुना हो, आइए जानते है पूरी खबर....  

अनोखी मान्यता 

जी हां हमारे देश का खूबसूरत शहर सूरत (Surat) में कुछ ऐसा होता है जिसे बारे में आप सोच भी नहीं सकते। दरअसल यहां भगवान शिव के भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर साल में एक बार जिंदा केकड़ा चढ़ाते है। इसके अलावा इसी दिन श्मशान घाट में मृतक के परिजन मरने वाले की इच्छा के मुताबिक उसे हर वो चीज खिलाते-पिलाते है जो उसे पसंद थी, जिससे उनकी आत्मा को शांति मिल सके। 

ये खास लोग आते है यहां

बता दें कि सूरत में आज के दिन रुंधनाथ महादेव मंदिर (Rundhanath Shiva Temple) में भगवान शिव को फूल के हार की जगह जिंदा केकड़े चढ़ाए जाते हैं। रुंधनाथ महादेव नाम के इस मंदिर में आज के दिन वो लोग दर्शन करने आते हैं जो शारीरिक रूप से किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं। लेकिन यहां ज्यादातर वो लोग आते हैं जिन्हें कान से जुड़ी कोई बीमारी होती है। वो लोग आज के दिन यहां अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर भगवान शिव को जिंदा केकड़े चढ़ाते है। 

देश का पहला ऐसा मंदिर....

शायद इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं होगी लेकिन आज हम आपको बताते है। आपको बता दें कि आज के दिन सूरत के इस मंदिर में शिवलिंग पर केकड़े वही लोग चढाने आते हैं जिनकी मन्नत पूरी हो गई हो। शायद देश का ये पहला ऐसा मंदिर है जहां भगवान को खुश करने के लिए जिंदा केकड़े चढ़ाए जाते हैं। 

मंदिर से जुड़ी ये है कहानी 

आपको बता दें कि सूरत के रूंधनाथ शिव मंदिर में केकड़े चढ़ाने की परंपरा काफी वर्षों पुरानी है। लेकिन आपको बता दें कि इस मान्यता के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। इस बारे में कहा जा जाता है कि राम ने वनवास के दौरान यहां शिवजी की उपासना की थी। कहा ये भी जाता है कि आदिकाल में जब मंदिर के स्थान पर समंदर बहा करता था तभी से यहां केकड़े चढ़ाने की परंपरा है। इसी परंपरा को कायम रखते हुए आज भी यहां इस विशेष दिन पर शिव भगवान को केकड़े चढ़ाये जाते है। 

श्मशान घाट पर इसलिए आते है लोग 

जहां मंदिर से जुड़ी अनोखी बात हमने आपको बताई वहीं इस मंदिर के नजदीक श्मशान घाट पर लोग अपने परिजनों के आत्मा की शांति के लिए पूजा पाठ करते है। मृतक की पसंदीदा चीजें भी चढ़ाते है। जैसे कि मरने वाला अगर बीड़ी, सिगरेट, शराब पीने का शौकीन था या वो अन्य कोई खाने वाली चीज ज्यादा पसंद करता था तो वो सब आज के दिन मृतक के परिजन यहां चढ़ाते है। लोगों का ये मानना है की आज के दिन मृतक की पसंदीदा चीज चढ़ाने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है। इस मान्यता के साथ लोग वहां मौजूद श्मशान में जाते है। 

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