सावन में बेलपत्र दिलाएगा भोलेनाथ का विशेष आशीष, इच्छितों को होगी संतान प्राप्ति और आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति

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सीमा कुमारी

नई दिल्ली: भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। कहते हैं कि इसके बिना शिव जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। 4 जुलाई से श्रावण मास शुरू हुआ  है। इस बार 59 दिनों का सावन माह है। सावन में प्रत्येक दिन या फिर सावन सोमवार को बेलपत्र के उपाय करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनके आशीर्वाद से धन-दौलत प्राप्त होता है। इतना ही नहीं, शिव कृपा से संतान-सुख और कार्य में सफलता भी मिलती है। आइए जानें डॉ. गणेश मिश्र से सावन में बेलपत्र के ज्योतिष उपायों के बारे में-

मान्यताओं के अनुसार, जो लोग संतान सुख प्राप्त करना चाहते हैं, वे सावन में बेलपत्र का उपाय करें। सबसे पहले गाय के दूध और बेलपत्र की व्यवस्था कर लें।  आप की जितनी वर्ष आयु है, उतनी संख्या में बेलपत्र ले लें और उसे गाय के कच्चे दूध में डुबो दें। पूजा के समय शिवजी को वह बेलपत्र अर्पित करें। इसके अलावा श्रावण मास में बेल का पौधा लगाने से भी संतान का सुख प्राप्त होता है।

अगर किसी जातक के विवाह में देरी हो रही है या फिर किसी वजह से बात नहीं बन पा रही है, तो पांच सोमवार शिव मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। साथ ही 108 बेलपत्र अर्पित करें। इस दौरान ॐ नमः शिवाय का मंत्र उच्चारण करते रहें। इससे आपकी विवाह संबंधी समस्या जल्द दूर हो जाएगी। इतना ही नहीं, भगवान शिव के साथ सोमवार के दिन मां पार्वती के पूजन से भी लाभ होगा।

सावन माह के सोमवार को आप शिवजी की पूजा करें। उनको बेलपत्र अर्पित करें।  पूजा के समापन के बाद चढ़ाए गए कम से कम 3 बेलपत्र पर लाल चंदन से ओम नमः: शिवाय लिख दें और उसे अपनी तिजोरी में रख दें। शिव कृपा से आर्थिक संकट दूर होगा।

जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में सामंजस्य की कमी है या कोई समस्या है तो सावन सोमवार के दिन पति और पत्नी साथ में भगवान भोलेनाथ और माता गौरी की पूजा करें। दोनों एक साथ शिवजी को बेलपत्र अर्पित करें। माता गौरी को श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं। शिव और गौरी कृपा से दांपत्य जीवन सुखमय होगा।

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