सुगंध ही नहीं इसलिए भी जलाई जाती है अगरबत्ती, क्या कहता है वास्तुशास्त्र
- Written By: मृणाल पाठक
सीमा कुमारी
हिंदू धर्म में पूजा या किसी मांगलिक अनुष्ठान करते समय धूप या अगरबत्ती अवश्य जलाई जाती है। ज्योतिष-शास्त्र के मुताबिक, इससे घर-परिवार मे हो रहे कलह-कलेश दूर हो जाते हैं और सकारात्मक ऊर्जा घर में सदैव बनी रहती है। अगरबत्ती के साथ ही भगवान के सामने कपूर, लोबान, घी का दीपक, गुग्गल आदि जलाना भी शुभ फलदायी माना जाता है। ऐसे में आइए जानें अगरबत्ती से जुड़े कुछ उपायों के बारे में
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, पूजा घर में अगरबत्ती हमेशा एक स्थान में ही जलानी चाहिए। यदि आप बार-बार अगरबत्ती जलाने की दिशा बदलते हैं तो इससे आपको वैसे फल प्राप्त नहीं होते जैसे आप चाहते हैं।
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ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो अगरबत्ती को सुख और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। पूजा घर में अगरबत्ती जलाने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद एवं कृपा भक्तों पर सदैव बनी रहती है।
अगर आप आर्थिक परेशानियों से घिरे हुए हैं, तो आपको सुबह-शाम घर में सदहृदय से अगरबत्ती जरूर जलानी चाहिए। ऐसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आपको आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिल सकती है।
दक्षिण दिशा को वास्तु-शास्त्र में यमराज की दिशा बताया जाता है। इसलिए इसे नकारात्मकता से भी जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि लोग दक्षिणमुखी घर को शुभ नहीं मानते। लेकिन वास्तु-विज्ञान की मानें तो, घर की दक्षिण दिशा में यदि प्रतिदिन अगरबत्ती जलाई जाए तो इससे घर में आने वाली नकारात्मकता दूर हो जाती है।
अगरबत्ती जलाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है। विशेष प्रकार की सुंगध से मस्तिष्क का दर्द और उससे संबंधित रोगों का नाश हो जाता है। इसे दिल के दर्द में भी लाभदायक माना गया है।
