1 साल में 14 लाख लोगों को हुआ कैंसर, जानिए भारत में इस बीमारी के मरीजों की बढ़ती संख्या की वजहें
- Written By: दीपिका पाल
WHO ने जारी किया अनुमान
सीमा कुमारी
नवभारत डिजिटल टीम: हर साल 4 फरवरी को ‘विश्व कैंसर दिवस’ (World Cancer day) मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को कैंसर के खतरों के बारे में जागरूक (Cancer Awareness) और इसके लक्षण से लेकर इसके बचाव के बारे में जानकारी देना।
20 से 35 की उम्र के युवा चपेट में
गलत जीवनशैली, मोटापा और प्रदूषण के चलते आज देश में कैंसर रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। युवा भी इस बीमारी की गिरफ्त से दूर नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक देशभर में 20 से 35 की उम्र के युवाओं में कैंसर के केसेज तेजी से बढ़ते जा रहे है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, कैंसर के बढ़ते मामले चिंता का विषय है क्योंकि, साल 2022 में भारत में 14 लाख कैंसर के नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं जिनमें से 9 लाख लोगों ने इस बीमारी की वजह से अपनी जान गंवा दी है। ये आंकड़े काफी परेशान करने वाले हैं क्योंकि WHO की मानें तो आने वाले समय में ये आंकड़ा तेजी से बढ़ सकता है।
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ब्रेस्ट कैंसर के ज्यादा मरीज
WHO की नई रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रेस्ट कैंसर सबसे ज्यादा कॉमन कैंसर बनकर सामने आया है। पुरुषों में होंठ का कैंसर, मुंह का कैंसर और लंग कैंसर के सबसे ज्यादा मामले देखे गए है। जिनमें कुल कैंसर मामलों में 15 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। वही महिलाओं की बात की जाए तो ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर 27 और 18 फीसदी मामले आ रहे है। हाल ही में 32 साल की उम्र में एक्ट्रेस और मॉडल पूनम पांडे का सर्वाइकल कैंसर की वजह से निधन हो गया।
कैंसर को लेकर जारी आंकड़ें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत में 75 साल से ज्यादा उम्र में कैंसर होने की संभावना 10.6 प्रतिशत तक है। वही, इसी उम्र में कैंसर से मरने की आशंका 7.2 के आसपास है। रिपोर्ट के मुताबिक लंग कैंसर काफी आम कैंसर है जिसका प्रतिशत 12.4 है, वहीं इससे मरने वालों की संख्या भी सबसे अधिक है। इसका होने का सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है। इसके बाद महिलाओं में होने वाला ब्रेस्ट कैंसर 11.6 प्रतिशत के बाद दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। सर्वाइकल कैंसर का नंबर आंठवा है जो महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक कैंसर है।
कैंसर से बचाव संभव
ज्यादातर कैंसर से बचाव संभव है यदि उसका पता शुरुआती स्टेज में ही लग जाए इसलिए लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक और इस बीमारी की गंभीरता को बताने के लिए हर साल 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर डे के रूप में मनाया जाता है ताकि इस भयावह बीमारी से इंसान की जान बचाई जा सके। इसलिए समय-समय पर कैंसर की जांच बेहद जरूरी है। आज कैंसर के इलाज के लिए कई नई थेरेपी मौजूद हैं जिससे ठीक होकर व्यक्ति फिर से सामान्य जिंदगी जी सकता है।
विश्व कैंसर दिवस 2024 की थीम
इस साल भी वर्ल्ड कैंसर डे की थीम “कैंसर केयर गैप को कम करें” है। हम सभी जानते हैं कि हममें से हर एक में बदलाव लाने की क्षमता है, चाहे बड़ा हो या छोटा, और साथ मिलकर हम कैंसर के वैश्विक प्रभाव को कम करने में प्रगति कर सकते है। इस 4 फरवरी को हम आपसे, चाहे आप कहीं भी हों, कैंसर मुक्त दुनिया बनाने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान करते हैं।
