ट्रंप के साथ मीटिंग से पहले पुतिन ने PM मोदी को घुमाया फोन, यूक्रेन युद्ध को लेकर की बात

India Russia News: पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बातचीत भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है, जो अमेरिकी टैरिफ दबाव के बीच भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और आर्थिक हितों की रक्षा का संकेत देती है।
ट्रंप के साथ मीटिंग से पहले पुतिन ने PM मोदी को घुमाया फोन, यूक्रेन युद्ध को लेकर की बात
पुतिन ने पीएम मोदी से फोन पर बात की (फोटो- सोशल मीडिया)
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 Modi Putin Phone Call: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर एक महत्वपूर्ण बात की। दोनों के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाए जाने की घोषणा ने वैश्विक मंच पर हलचल मचा दी है। ट्रंप प्रशासन ने भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर नाराजगी जताई है, जिस कारण यह बातचीत और भी अधिक रणनीतिक और राजनीतिक रूप से अहम बन गई है।

टैरिफ के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है, लेकिन भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के प्रति प्रतिबद्ध है। मोदी-पुतिन बातचीत इस बात को दर्शाती है कि भारत बाहरी दबावों के बावजूद रूस के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूती से बनाए रखेगा। यह संवाद आर्थिक और कूटनीतिक चुनौतियों का मिलकर सामना करने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

यूक्रेन युद्ध को लेकर हुई बातचीत

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को यूक्रेन में चल रही ताजा घटनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इसके जवाब में पीएम मोदी ने भारत की सदैव अपनाई गई नीति दोहराई कि युद्ध और टकराव का समाधान केवल शांति और बातचीत के रास्ते से ही संभव है। उन्होंने दोहराया कि भारत हमेशा से अमन और स्थिरता के पक्ष में रहा है।

दोनों नेताओं ने बातचीत में भारत-रूस संबंधों में हाल के वर्षों में आई मजबूती की तारीफ की और भविष्य में इसे और आगे ले जाने का संकल्प लिया। पीएम मोदी ने पुतिन को इस वर्ष के अंत में होने वाले 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण भी दिया। यह सम्मेलन द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

भारत का स्पष्ट संदेश

यह बातचीत केवल दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों को दर्शाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह अमेरिका को भी एक स्पष्ट संदेश देती है कि भारत अपने हितों और वैश्विक साझेदारियों को प्राथमिकता देता है। भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के साथ रूस सहित अन्य साझेदारों के साथ संतुलित और ठोस संबंध बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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